शहरों से होड़ लेता गांव गांव अब नहीं रह गया गांव शहरों से होड़ लेता फिर…
Author: Bastar Paati
पुस्तक अंश : मन्नू भंडारी जायेगा मंगल पर
मन्नू भंडारी जायेगा मंगल पर चारों साथ ही बैठे, सुशीला ने बड़े ही सधे हाथों से…
अंक-4-फेसबुक वाल से-संतोष श्रीवास्तव की फेसबुक वाल से
नज़्म ये बारिश की बूंदें मुसलसल बरसती निगाहों में कितनी असीसें उमड़ती हरएक घर के आंगन…
अंक-4-बहस-कहानी प्रतियोगिता के बहाने
कहानी प्रतियोगिता के बहाने बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता में आपका स्वागत है। इस नयी पत्रिका के…
बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, तृतीय पुरस्कार-माला वर्मा
पीर पर्वत सी पिघलने लगी जब से शारदा देवी ने इकलौते बेटे के सिर मौर बांधा…
अंक-4-फेसबुक वाल से-प्रमोद जांगिड़ की वाल से
माटी के लोग काठ, पत्थर औैर गारे से बने मकान भूकंप सह न सके ढह गये…
डॉ.श्रीहरि वाणी की कवितायेँ
इन्द्र धनुष के साए में…… इन्द्र धनुष के साए में, लिखते गये अनुबंध नये मादक गंधी…
विमल तिवारी की लघुकथाएं
याददाश्त गांव छोड़े लगभग तीस साल हो गये थे, प्राथमिक पढ़ाई पूरी कर जो शहर आया…
लघुकथा-सफलता-अलोक कुमार सातपुते
सफलता वह मेरा पड़ोसी, सहपाठी और सजातीय था। मैं न जाने क्यों उससे प्रतिद्वंदिता रखता था।…
प्रीति प्रवीण खरे की कवितायेँ
द्रोपदी हाथ पकड़ कर दुश्शासन मौन सभा में लाया पांडव कुछ भी न बोले माँं का…