अंक-4 (मार्च 15-मई 15) विवरणिका नसीम आलं नारवी पर केंद्रित

अंक-4 (मार्च 15-मई 15) विवरणिका पाठकों से रूबरू/2अंक-4-पाठकों से रूबरू-साहित्य में सकारात्मकता पाठकों की चौपाल/5अंक-4-पाठकों की…

राजकुमार कुम्भज की कवितायेँ

जैसे छू लो आसमान जैसे छू लो आसमान कुछ इतना ही आसपास थी मृत्यु कुछ इतना…

अंक-4-कवर पेज- श्री वेंलगूर मण्डावी

बस्तर क्षेत्र की विशिष्ट चित्रकारी के पर्याय बने श्री वेंलगूर मण्डावी जो रहते हैं सुदूर बस्तर…

समीक्षा-परिचय : नसीम आलम ‘नारवी’-प्रभाकर चौबे

ये तेवर ग़ज़ल के देख ज़रा… अगर साहित्यकार एक्टिविस्ट भी है तो समाज में उसके साहित्य…

डॉ.आशा पाण्डेय के हाइकू

हाइकू पावन प्यार करो तो पाओ सजा ये कैसी बात! प्यार है पूजा मन में जपो…

डॉ.सूर्यप्रकाश अष्ठाना ‘सूरज’ की ग़ज़लें

ग़ज़ल साया हटकर राहगुज़र से। अंजाना था वक्ते सफर से।। कोई तुम्हारे ग़म ना समझे, लेके…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, द्वितीय पुरस्कार-बकुला पारेख

काश…! प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व की मंद-मंद चलती हवा, उड़ते हुए पक्षियों की चहचहाहट की…

अंक-4-फोटोग्राफी-अजयसिंह

अंतिम पन्ना फोटोग्राफर के लिए- श्री अजयसिंह अजय फोटो स्टुडियो के जादुई फोटोग्राफर अपने कैमरे से…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, द्वितीय पुरस्कार-कुमार शर्मा अनिल

पुरस्कार साहित्य अकादमी का ऑडिटोरियम काफी भरा हुआ नजर आ रहा है। वर्ष 2014 के साहित्य…

उर्मिला आचार्य की कविता एवं हाइकू

टेढ़े-मेढ़े रास्ते पूनम की रात मेला मंडई के बाद लौट रही मां-बेटी साथ-साथ दूर गांव घर…