यशवंत गौतम की कविता

खामोशी साल-सरई जंगल-खेत घोटुल-मांदर-रेला गीत सब खामोश जिन्दगी खामोश ऐसे में सूरज कांपता दे जाता है…

अज्ञेयः अन्वेषी पत्रकारिता के समर्थ शिल्पी–डॉ. पी.एन.द्विवेदी

अज्ञेयः अन्वेषी पत्रकारिता के समर्थ शिल्पी अज्ञेय जी का जन्म फागुन शुक्ल सप्तमी, संवत 1967 यानी…

रश्मि पाठक की कवितायेँ

मालूम होगा शायद तुम जो यहां बैठे अख़बारों में ख़बरें ढूंढ़ा करते हो ख़बरें जो लिखीं…

परिचय : नसीम आलम ‘नारवी’-लोकबाबू

देखो देखो आफ़ताब रहा भिलाई इस्पात संयत्र को कच्चा लोहा उपलब्ध कराने वाली खदानों से घिरी…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, तृतीय पुरस्कार-मनजीत मीरा

प्रेम के रंग उन दिनों मैं अपने प्रथम लघुकथा संग्रह की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी…

यादव विकास की ग़ज़लें

ग़ज़ल चलने वाले जरा देख कर, हादसों से भरा है सफ़र। रखिए हालात मद्देनज़र, कौन देता…

अंक-4-कविता कैसे बदले तेरा रूप

कविता का रूप कैसे बदलता है देखें जरा। नये रचनाकार ने लिखा था, नवीन प्रयास था…

जे.कुमार संघवी की कविता

अब तक कुछ भी नहीं मिला है सड़सठ सालों में भारत को आजाद करने लाखों ने…

सुनील श्रीवास्तव की कविता

मेरा शहर सुबह देखता हूं शाम देखता हूं पुराने शहर का नया मंजर देखता हूं। मिला…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, प्रथम पुरस्कार-देव भंडारी-लिफ्ट

लिफ्ट जैसे मैं घर के अन्दर घुसता हूँ. मूसलाधार वर्षा शुरू हो जाती है। लगता है…