रूख बलसे हे माने तुमी मके नी गोंधा, रूख बलसे तुमी गोंधासित मचो, जीव करलसे तुमचोय…
Category: पद्य
हलबी कविता-सूरज नारायण कश्यप
चितरकोट मंडई जाउन रले बुलतो काजे चितरकोट मंडई हाट ने दखली मुय बायले मन चो लड़ई।…
हलबी वंदना गीत – महेश पांडे
वंदना गीत मांय दन्तेशरी चो वंदना मांय दन्तेशरी तुमके अरज करूंसे। आया रे….आशीद हमके देस।। तुमी…
मेरी ग़ज़ल – डॉ बी प्रकाश मूर्ती ” पैमाना “
मेरी ग़ज़ल समन्दर से जो मिल जाता वो फिर कतरा नही रहता खुदा के साये में…
~ डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ के दोहे ~
~ डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ के दोहे ~ —————————————– ‘केस’ बहुत मज़बूत था, पर भारी था…