गरिमा पोयाम की कविता

 मन के सागर में डुबकी लगा कभी यूँ ही स्वयं से मिल, जैसे हो कोई गहरी…

अनिल जैन की दो ग़ज़लें

ग़ज़ल 1 तिश्नगी  (प्यास) सांस जाये टूट पर ज़िंदा रहेगी तिश्नगी बेकरारी का बने कोई सबब…

पं.जमदग्निपुरी की चार कवितायेँ

बचपन का सपना ———————— बचपन में सोंचा करते थे, पता नहीं कब सयान होगें। पता नहीं…

विद्या गुप्ता की कवितायेँ

कविता-1 शुक्रिया….!! पावस तुम आए  घर गगन तक पावन सोंधी माटीगंध भर लाये पतझड़ हुए मन…

रजनी साहू “सुधा” की तीन कवितायेँ

मैंनें बस्तर को बोलते सुना है । बस्तर कह रहा है कि, मैं भारत के मानचित्र…

मोहम्मद मुमताज़ हसन की कवितायेँ

‘अम्न के दुश्मन’    ( 1 ) जाति-धर्म/भाषा के नाम पर लड़ने वाले अम्न के दुश्मनों…

रश्मि विपिन अग्निहोत्री की कवितायेँ

कविता-1 कुछ इस कदर मर्यादा रखो । तहज़ीब औरों से ज्यादा रखो । ग़र जीतना है…

डॉ. संजय दानी की ग़ज़लें

( ग़ज़ल ) आईनों से नहीं है दुशमनी मेरी , अक्श से अपनी डरती ज़िन्दगी मेरी।…

नयी कलम – श्रुति सिन्हा की कवितायेँ

    मंजिल यही है पर यह नहीं मंजिल यही है पर यह नहीं , शायद…

काव्य-बरखा भाटिया

दर्दों की दास्तान है ग़रीब का चेहरा रोती हुई मुस्कान है ग़रीब का चेहरा। मोहरा है…