मां का रिश्ता मां के आगे कोई छोटा न बड़ा ईश्वर भी होते उसके आगे एक…
Category: काव्य
काव्य-कोई परचम-रोज़लीन
कोई परचम …..प्रेम करते हो! आकाश की हथेलियों में उछलते रंगों के भुरभराते गुब्बारे बरबस फूट…
काव्य-धनेश यादव
आज का गीत घने जंगलों और पहाड़ों पर उनका निवास स्थान। कमर में पटका, माला-मूंदरी, थोड़ा-सा…
काव्य-डॉ नथमल झंवर
प्राइवेट अस्पताल एक पेशेन्ट, सर्दी-खांसी दिखाने प्राइवेट अस्पताल आया पांच सौ की फीस पटा डाक्टर को…
काव्य-सतीश लखोटिया
ईश्वर तेरे यह भी रूप अंधेरा, प्रकाश, अभिमान वाणी। का चल रहा था विचार-विनिमय गोष्ठी का…
काव्य-आनंद तिवारी पौराणिक
बसंत में आस लौट आई हैं सगुन-चिरैयां घर के कंगूरों पर गुलमोहर की डालियां छतरा गई…
काव्य-राजेश जैन राही
राही के दोहे 1-शोर करे मिटती नहीं, ओछेपन की धूल। सच्चे कर्मों से खिले, कीचड़ में…