खिल उठा जीवन मेरे अंगना आई गौरेया देख मेरा उपवन मन मेरा खिल उठा देख उसका…
Author: Bastar Paati
लाला जगदलपुरी-संस्मरण-बी.एन.आर.नायडू
कालजयी साहित्य सर्जक ‘‘लाला जगदलपुरी’’ किसी भी देश काल में साहित्य सागर की लहरों का उद्दाम…
लाला जगदलपुरी-संस्मरण कविता-पूनम वासम
लालाजी को सादर श्रद्धांजली स्मृतियों का वो धुंधलापन जब याद आता है मुझको तो सर्वप्रथम याद…
लाला जगदलपुरी-संस्मरण : राजीव रंजन प्रसाद
लाला जगदलपुरी अभी दो माह पहले ही मैं लाला जगदलपुरी से उनके निवास पर मिला था।…
लाला जगदलपुरी के अभिन्न मित्र बी.एल.विश्वकर्मा से बातचीत
अब और क्या लिखूं! लाला जगदलपुरी और बंशीलाल विश्वकर्मा जी की जुगलजोड़ी जो बस्तर के कला…
अंक-3-नक्कारखाने की तूती-बैंकों की लूट
बैंकों की लूट न जाने कबसे देश का गरीब किसान और मजबूर महाजनों के चंगुल में…
लघुकथा-पवन तनय हरि-दादी की ममता
लघुकथा दादी की ममता चिलचलाती धूप पड़ रही थी, दोपहर के दो बजे का समय था।…
अंक-3-पाठकों की चौपाल
‘बस्तर पाति’ का सितम्बर अंक प्राप्त हुआ, हार्दिक धन्यवाद। सुदूर आदिवासी क्षेत्र से साहित्यिक प्रकाशन करना,तलवार…
लालाजी की कविताएंः- मिमयाती जिन्दगी दहाड़ते परिवेश
लालाजी की कविताएंः- मिमयाती जिन्दगी दहाड़ते परिवेश (कविता क्रमांक-1) उन्मन हैं मनचीते लोग, वर्तमान के बीते…
अंक-3-पाठकों से रूबरू-लघु पत्रिकाओं का औचित्य
लघु पत्रिकाओं का औचित्य साहित्य की सामाजिक भूमिका का विवरण यत्र-तत्र-सर्वत्र मिल जाता है। बहुतों की…