कहानी की शर्तें टीवी, मोबाइल और इंटरनेट से घिरी युवा पीढ़ी किस तरह पुस्तकों, अर्थात् शब्दों…
Author: Bastar Paati
अंक-3 (दिसंबर 14 से फरवरी 15)विवरणिका लाल जगदलपुरी पर केंद्रित
विवरण पाठकों से रूबरू/2लघु पत्रिकाओं का औचित्य पाठकों की चौपाल/5अंक-3-पाठकों की चौपाल बहस/कहानी की शर्तें/7अंक-3-बहस-कहानी की…
अंक-2-हिमांशु शेखर झा की कविता फेसबुक वाल से
औक़ात इन बेहद गर्म दिनों बड़ी औकात है सूरज की पर मज़दूर लछमन के सामने क्या…
दोस्ती :- एक अनोखा रिश्ता-अंजली सिन्हा
दोस्ती :- एक अनोखा रिश्ता ‘दोस्ती‘-कहने को तो एक छोटा सा शब्द है, पर अगर इसके…
काव्य-शिवेंद्र यादव
कल के खेल कभी हम खेला करते थे खिलौनों से,धूल-मिट्टी,पत्तों,डालों से खुले मैंदानों में। बाबा बताते…
अंक-2-गिरीश पंकज की कविता फेसबुक वाल से
इतनी कुंठा और निराशा ठीक नहीं सबको गाली देती भाषा ठीक नहीं। आप बड़े ज्ञानी-ध्यानी हैं…