पर्दा आह! दोज़ गुड ओल्ड कॉलिज डेज़! सपनों की दुनिया! मौज-मस्ती, हँसी ठहाके! लाइब्रेेरी और कॉरीडोर्स…
Category: गद्य
गद्य आधारित विधाओं का स्तम्भ
लघुकथा-के पी सक्सेना दूसरे
होली मुबारक “अजी, होली की मुबारकबाद तो ले लो… उठो ना!” कहते हुए उसने धीरे से…
लघुकथा-नरेश कुमार उदास
बाढ़ सुखिया की खपरैल की झुग्गी का नामों निशान मिट चला था। बुढ़िया इस दुनिया में…
एक मुलाकात-कृष्ण शुक्ल
‘एक मुलाकात’ व ‘परिचय’ श्रृंखला में इस पिछड़े क्षेत्र बस्तर से जुड़े हुए और क्षेत्र के…
लघुकथा-डॉ सुरेश तिवारी
देसी गुलाब वह सुबह गुलाब के बगीचे में टहल रहा था। बडिंग वाले गुलाब में प्यारा…
लघुकथा-चन्द्रकान्ति देवांगन
पछतावा एक शाम पिता की निरीह आंखें राह देख रही थीं। वृद्धाश्रम में दरवाजे की ओर…
लघुकथा-शिखा यादव
बचपन कचरा उठाती, मैले खुचैले कपड़े पहने उस ग्यारह-बारह वर्ष की लड़की से मैंने पूछा-‘‘पढ़ाई करती…
लघुकथा-अरविन्द अवस्थी
फ़र्क उमेश अपनी पत्नी को हमेशा ताने दिया करता। कहता कि तुम्हारी मां ने क्या सिखाया…
समीक्षा – डॉ अर्चना जैन
दुष्यंत कुमार की ग़ज़लों की मूल संवेदना गद्य और पद्य दोनों विधाओं में समानाधिकार से लिखने…