फैसला-दिनेश कुमार छाजेड़

फैसला फैक्ट्री मैनेजर ने कर्मचरी राकेश को अपने चेम्बर में बुलाया। मैनेजर ने राकेश को कहा,-’’सुना…

अंक-17-बहस-5-कुछ सवाल स्वयं से

5-कुछ सवाल स्वयं से मई का आखरी महीना चल रहा था। मौसम विभाग की भविष्यवाणी थी…

लघुकथा-समाजसेवी-सीताराम गुप्ता

समाजसेवी अनिल कुमार जी से मेरी मुलाकात बहुत पहले हुई थी एक मित्र के यहां। समाज…

कहानी-नई रैक-राम नगीना मौर्य

नई रैक पढने-लिखने-गढ़ने का शौक भी अजीब शगल है। घर के सदस्य तो अब नीलाम्बर प्रसाद…

लघुकथा-भगवान की भक्ति-मदन देवड़ा

भगवान की भक्ति नित्य की तरह दस बजते ही मैं स्कूल की ओर रवाना हो चुका…

अंक-17-बहस-3-विचार मंथन

3-विचार मंथन आज तीसरा दिन है। हमारी उपस्थिति पूर्ववत है। खैनी-चूना के चुटकी के साथ। अब…

अंक-17-बहस-8-विस्थापन

8-विस्थापन ’’प्राकृतिक संतुलन चाहे तकनीक से बिगड़े अथवा युद्ध के कारण, प्राणियों का विस्थापन निश्चिंत है।…

अंक-17-बहस-4-सिद्धांत और व्यवहार

4-सिद्धांत और व्यवहार चौथा दिन- ’’आप सबके जेहन में सवाल आया होगा कि जब हमारे बीच…

लघुकथा-आवाजें-डॉ. शैलचंद्रा

आवाजें आज उसके घर से आने वाली सारी आवाजें बंद थी। जब भी वह अपने काम…

अंक-17-बहस-7-मानव बनाम प्रकृति

7-मानव बनाम प्रकृति इस बौद्धिक सन्नाटे में मुझे प्रकृति और मानव के रिश्ते दिखाई दे रहे…