गीत आज कहीं बरबाद न कर दे, आने वाला कल सोचूंगा, अब हर एक…
Category: काव्य
माधुरी राऊलकर की गज़लें
ग़ज़ल उन्हें नामों में ढ़ालने से, कुछ नहीं होता बेवजह रिश्ते पालने से, कुछ नहीं होता।…
पूर्णचंद्र रथ की कविता
सौदा घर और बाहर गूंज रहे प्रार्थनाओं के स्वर उधर सिरफिरे चंद, लुटेरे यहां वापसी की…
काव्य-बस्तरः कुछ कविताएं-जयप्रकाश मानस
बस्तरः कुछ कविताएं एक. प्रश्न यह नहीं वहां पहले नक्सली पहुंचे या पुलिस प्रश्न यही है…
कंचन सहाय वर्मा की कवितायेँ
इक सा नारी सिर्फ षोड़सी या बिहारी की नायिका नहीं कोमलता की सुंदरतम कृति नहीं दहेज…
श्रीमती सरिता पाण्डेय की कवितायेँ
तेरे आंचल सी नहीं या तो गृहलक्ष्मी कहा, या फिर पग की धूल। इन दोनो ही…