मनु स्वामी की कविता

खामोशी के साथ कोहरे की बुक्कल मारे हुए सूरज का मखौल उड़ाता बर्फीले नाले में खड़ा…

नज़्म सुभाष की ग़ज़लें

ग़जल-1- यूं मुझे तनहाई देगा, अंतिम बार विदाई देगा। बहुत शोर है मेरे भीतर, कुछ भी…

लाला जगदलपुरी संस्मरण- सुरेश चितेरा

काव्यः लालाजी की याद में लाला जी के याद में वे कवि थे, लाला जी थे,…

सुमय्या काशिफ की कवितायेँ

मां देख रही हूं सपनों में जिसे अपने ख्वाबों ख्यालों में जिसे सोच रही हूं और…

चक्रधर शुक्ल की कविता

काजल चुराना रूपसी ने आंख का काजल चुराया बुजुर्ग बोला इस उम्र में तुमने काजल क्यों…

सुमन शेखर की कवितायेँ

मुझे प्रतीक्षा है मुझे प्रतीक्षा है सूरज मेरे भीतर पसर जाये और अपनी रश्मियों से मिटा…

रामचरण यादव ‘याददाश्त’ की कविता

अजब कहानी कहीं होंठो पे हंसी, कहीं आंखों में पानी है कुदरत ने ही लिखी, कर्मो…

प्रो.भगवानदास जैन की ग़जल

ग़ज़ल यूं तो हरेक शख़्स की तक़दीर है जुदा। आंसू सभी के एक-से पर पीर है…

तरूण कुमार लाहा की कवितायेँ

स्त्री होने का अहसास-1 भूलना चाहती हूं मैं अतीत की परछाईयों में छिपे अपने उजास भरे…

के प्रिया की कविता

पिंजरा कहीं भी जाऊं, मेट्रो की गंध हवा में फैली है मेरी जड़ें सांसें खींचती इन…