गांव एक सुगंधित हवा ये सांस ही तो लेनी है इस दुनिया में फिर क्यों है…
Category: गद्य
गद्य आधारित विधाओं का स्तम्भ
अंक-20-बहस-साहित्य के निशाने
साहित्य के निशाने सन 1984 में एक हिंदी फिल्म आयी थी -’पार्टी’ इस सिनेमा को गोविंद…
बातचीत-सुरेन्द्र रावल
‘एक मुलाकात’ व ‘परिचय’ श्रृंखला में इस तथाकथित पिछड़े क्षेत्र से जुड़े हुए और क्षेत्र के…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-अंग्रेजों की जूठन
अंग्रेजों की जूठन सुना है, अंग्रेजों का भारत से जाने का कोई इरादा न था। कभी…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-मेरी सड़क
मेरी सड़क मुझे लगातार लग रहा है कि मेरी सड़क के प्रति पुरातत्ववेत्ताओं की उपेक्षा कोई…
अंक-17-बहस-17-आज के गांधीवादी बनाम मार्क्सवादी
17-आज के गांधीवादी बनाम मार्क्सवादी आज दुनिया में गांधी और गांधियन मेथड की आए दिन चर्चा…
लघुकथा-सनत कुमार जैन
बेटा बहू ’’रात भर बेचारी माँ तडपती रही। कितना भयंकर दर्द था। हे भगवान जल्दी ठीक…
अंक-17-बहस-15-पी.सी. जोशी एवं जय प्रकाश नारायण
15-पी.सी. जोशी एवं जय प्रकाश नारायण सन 1935 में पी.सी. जोशी ने मार्क्सवादियों को पुनर्संगठित किया…