अर्ध रात्रि का ज्ञान पकने का समय कई दिनों से अब तक/लिखने का समय 8.00 पी.एम.…
Category: गद्य
गद्य आधारित विधाओं का स्तम्भ
लघुकथाओं से वैचारिक विमर्श संभव है ?
अर्ध रात्रि का ज्ञान पकने का समय कई दिनों से अब तक/लिखने का समय 8.00 पी.एम.…
किसी रचनाकार की रचना का विषय समीक्षक की तटस्थता को प्रभावित करता है या नहीं ?
पकने का समय कई दिनों से अब तक/लिखने का समय 8.00 पी.एम. से 1.05 ए.एम. दिनांक-8…
कहानी-बीमार-बस्तर पाति फीचर
बीमार आँखों की पलकों का भारीपन यूँ था मानों पलको के बालों को मिलाकर किसी ने…
आलेख-पाठकों की समस्याः लेखक क्या करे-बुड़बक सिंह राजपूत
पाठकों की समस्याः लेखक क्या करे लेखक और पाठकों का विमर्श ब्रहम् के विमर्श की…
महेश राजा की लघुकथा और कविता
ईमानदार नागरिक प्रायः मुझे हर दूसरे दिन बस से शहर जाना होता था। बहुत पहले की…
चीर-फाड़-महेश्वर नारायण सिन्हा-सनत जैन की कहानी गनीमत की चीर-फाड़
चीर-फाड़-महेश्वर नारायण सिन्हा-सनत जैन की कहानी गनीमत की चीर-फाड़ सनत, आपने कहानी बहुत दिनों बाद लिखी,…
साहित्यिक उठापटक-अंक-25
नववर्ष मिलन समारोह और कवि सम्मेलन शनिवार की शाम, साहित्य एवं कला समाज जगदलपुर द्वारा नववर्ष…
त्रिलोक महावर रचित काव्य संग्रह-शब्दों से परे की समीक्षा
त्रिलोक महावर रचित काव्य संग्रह-शब्दों से परे की समीक्षा अवमूल्यन के दौर में मनुष्यता की जिद…