रूप परिवर्तन का एक और चरण एक दिन भगवान ने बैठे ठाले सोचा कि आजकल पृथ्वीलोक…
Author: Bastar Paati
लघुकथा-डॉ गजेन्द्र नामदेव
आईना चुनावी माहौल अपने चरम पर था। समाचार पत्रों की खबरें, समाचार चैनलों की तीखी उबाऊ…
लघुकथा-बकुला पारेख
सच आज करोड़ीमल की दुकान बंद थी। मुन्ना पुस्तकें लेकर उनके पास बैठ गया। करोड़ीमल ने…
लघुकथा-कृष्णधर शर्मा
ट्रक ड्राइवर जब फैक्ट्री से उसका ट्रक माल भरकर बाहर निकला तो खुशी उसके चेहरे पर…
लघुकथा-डॉ. सतीशराज पुष्करणा
ग़लतफहमी रामेश्वर बाबू हाट से सब्जी आदि लेकर जैसे ही शहर की मेन रोड पर आये…
लघुकथा-शिशिर द्विवेदी
पर्दा आह! दोज़ गुड ओल्ड कॉलिज डेज़! सपनों की दुनिया! मौज-मस्ती, हँसी ठहाके! लाइब्रेेरी और कॉरीडोर्स…
लघुकथा-के पी सक्सेना दूसरे
होली मुबारक “अजी, होली की मुबारकबाद तो ले लो… उठो ना!” कहते हुए उसने धीरे से…