लघुकथा-शिवराज प्रधान

रूप परिवर्तन का एक और चरण एक दिन भगवान ने बैठे ठाले सोचा कि आजकल पृथ्वीलोक…

लघुकथा-अहफाज़ अहमद कुरैशी

इंतजार वे तीन से बेटे के फोन का इंतजार कर रहे थे। बेटे ने कहा था-’पापा!…

लघुकथा-डॉ गजेन्द्र नामदेव

आईना चुनावी माहौल अपने चरम पर था। समाचार पत्रों की खबरें, समाचार चैनलों की तीखी उबाऊ…

लघुकथा-बकुला पारेख

सच आज करोड़ीमल की दुकान बंद थी। मुन्ना पुस्तकें लेकर उनके पास बैठ गया। करोड़ीमल ने…

लघुकथा-कृष्णधर शर्मा

ट्रक ड्राइवर जब फैक्ट्री से उसका ट्रक माल भरकर बाहर निकला तो खुशी उसके चेहरे पर…

लघुकथा-संतोष श्रीवास्तव सम

एक समझौता वह एक अजीब सी कश्मकश लिये हुई थी। आखिर उसने यह तय कर ही…

लघुकथा-डॉ. सतीशराज पुष्करणा

ग़लतफहमी रामेश्वर बाबू हाट से सब्जी आदि लेकर जैसे ही शहर की मेन रोड पर आये…

लघुकथा-शिशिर द्विवेदी

पर्दा आह! दोज़ गुड ओल्ड कॉलिज डेज़! सपनों की दुनिया! मौज-मस्ती, हँसी ठहाके! लाइब्रेेरी और कॉरीडोर्स…

लघुकथा-उषा अग्रवाल

मिस-कॉल आज भी अहमदाबाद एक्सप्रेस आंखों के सामने से छूटी जा रही थी, अगली टेªन अब…

लघुकथा-के पी सक्सेना दूसरे

होली मुबारक “अजी, होली की मुबारकबाद तो ले लो… उठो ना!” कहते हुए उसने धीरे से…