बेबस पार्क में कहीं बच्चे अपने माता-पिता की उंगली थामें खुशी से यहां-वहां देख रहे हैं।…
Author: Bastar Paati
अंक-9+10-पाठकों की चौपाल
भाई सनत जी, नमस्कार आपकी भेजी पत्रिका मिली। आभारी हूं। आप पत्रिका की साज सज्जा पर…
अंक-9+10-बस्तर पाति का कवर पेज-सुरेश दलाई
बस्तर पाति का कवर पेज श्री सुरेश दलई बस्तर की उर्वर धरती अपने भीतर न जाने…
लघुकथा-कमलेश चौरसिया
दादाजी की आत्मा ‘‘चल अपुन जादू-जादू खेलेंगे!’’ ‘‘कहां भैया ?’’ ’’अरे, ऊपर गच्ची में। वो पानी…
लघुकथा-देवेन्द्र कुमार मिश्रा
हिसाब पिता यदा-कदा कहते रहते थे-‘‘तुम्हारी पढ़ाई-लिखाई पर मेरे लाखों रूपये खर्च हो गये।’’ बेटा पढ़-लिखकर…
लघुकथा-राज हीरामन
प्रधानमंत्री की कुर्सी कितने की ? पार्टी-नेता का यह तीसरा चुनाव था। यानी वे तीसरी बार…