काव्य-किरणलता वैद्य

बरगद को देखकर याद आते हैं, दादा जी अक़्सर। बूढ़े बरगद को देखकर। जिसकी लटकती आकाशीय…

त्रिलोक महावर रचित काव्य संग्रह-शब्दों से परे की समीक्षा

त्रिलोक महावर रचित काव्य संग्रह-शब्दों से परे की समीक्षा अवमूल्यन के दौर में मनुष्यता की जिद…

पाठकों की चौपाल अंक-25 (जून 20-मई 21)

सम्पादक महोदय वर्तमान दौर में पत्रिका का प्रकाशन और वितरण बेहद मुश्किल हो चुका है। कोरोना…

नक्कारखाने की तूती -अंक-25 -आधार का डर क्यों ?

आधार का डर क्यों ? डर किसको लगता है कभी आपने विचार किया है ? जिसके…

कहानी-गनीमत-सनत जैन सागर

गनीमत ’अब तुमको कहीं जाने की जरूरत नहीं यहीं रहो बस!’ क्रोध से भरा आलोक चिल्ला…

रामनाथ साहू की लघुकथाएं

उपहार उदय दफ्तर से घर आया तब उसकी नजर सामने मेज पर रखे शादी के एक…

लघुकथा-अवध किशोर शर्मा

दर्द आज मेरी खुशी का ठिकाना न था। और ऐसा हो भी क्यों न, आज मेरे…

क्षणिकाएं-त्रिलोक महावर

क्षणिकाएं 1 सुख के दिन उड़े फुर्र से सुख के दिन ज्यों उड़ी गौरैय्या टहनी पर…

लघुकथाएं-त्रिलोक महावर

लघुकथाएं-त्रिलोक महावर भूख कुछ मिलेगा बच्चा! ऊपर वाला तेरा भला करे!’ ऐसे ही याचक की झोली…

बढ़ते कदम-काव्य-किशोर मनवानी

ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस ये बीस मेरे देश को दे गया…