बढ़ते कदम-काव्य-किशोर मनवानी

ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस

ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
चहुँ ओर औंधे मुंह नर-नारियों के शीश,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
अनदेखे अनजाने दुश्मन ने किया देश में प्रवेश,
लाकडाउन हुआ घरों में कैद हुआ समूचा देश,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
कोना-कोना मेरे देश का हुआ है अब वीरान,
हर गली-कूचे और बाज़ार हुए हैं सुनसान,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
विद्यालय बाट जोह रहे कब होगा छात्र प्रवेश,
आनलाईन शिक्षण से शिक्षक गढ़ रहे नया डिजीटल देश,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
संकट के इस काल में सहस्त्रों ने खोया रोज़गार,
स्वदेश लौटने को चहुँ ओर मचा हाहाकार,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
न डरा है न डरेगा देश, चाहे जैसा हो परिवेश,
संकट है भारी महामारी का धारण करके वेष,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
हार कर लौटे कई यहाँ से, नहीं कोई साधारण यह देश,
करना है नियमों का पालन यही बचाव का है मार्ग शेष,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
पहन लो मास्क, बना लो दूरी यही है मुख्य आदेश,
तभी इक्कीस में रहेगा मानव अस्तित्व तेरा शेष,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
किसान, जवान और डाक्टर हैं साक्षात ईश्वर का भेष,
आओ मिलकर इनका साथ दें होगा देशभक्ति में निवेश,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस-2
संकट निवारक संजीवनी पर शोध कर रहे बहुत से देश,
तब तक घरों में रहकर तुम दो श्रेष्ठ नागरिक का संदेश,
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस!
ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस!!

किशोर कुमार मनवानी
प्र.स्ना.शि.(गणित)
केन्द्रीय विद्यालय जगदलपुर
मो.-9425170478

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