कृष कर्तव्य रामटेके की कविताएं

1- कपटी जिस्म रूह बेच आया फूटी किस्मत जोड़ने को। उसे मालूम कहाँ था, सिर्फ पानी…

डॉ. किशोर अग्रवाल की कविताएं

बहुत दिन बाद गर्द धुंध व कोहरे की उदासी से निकल कर धूप नीचे तक उतर…

काव्य-किरणलता वैद्य

बरगद को देखकर याद आते हैं, दादा जी अक़्सर। बूढ़े बरगद को देखकर। जिसकी लटकती आकाशीय…

बढ़ते कदम-काव्य-किशोर मनवानी

ये बीस मेरे देश को दे गया कैसी टीस ये बीस मेरे देश को दे गया…

कविताएं-त्रिलोक महावर

कविताएं-त्रिलोक महावर पेंजई पीठ फेरते ही वे दाग देंगे दस -बीस गोलियाँ और एक खंजर उतार…

बढ़ते कदम- डाॅ अमितेष तिवारी

किसान का गीत…. बीज फसल में परिणित कर दूं हाथों में जब-जब मैं हल लूँ ऊसर…

काव्य-रजनी साहू

डायरी क्या है और उसकी भूमिका डायरी क्या है ऐसा कहा जाता है कि डायरी जिसमें…

मुकेश मनमौजी की कविताएं

रात अंधेरी सन्नाटा पसरा हुआ आकाश में चाँद बादल की ओट में अनायस चटकती सी आवाज…

काव्य-त्रिलोक महावर

पहचान बिना सोचे समझे कहीं भी सिर झुक जाए बगैर सहमति गिनती के काम आए यह…

प्रीति प्रवीण खरे की कविताएं

द्रोपदी हाथ पकड़ कर दुशासन मौन सभा में लाया पांडव कुछ भी न बोले माँं का…