बस्तर की संस्कृति-नाग राजा चो गुड़ी-शिव शंकर कुटारे

नाग राजा चो गुड़ी

नाग राजा मन बस्तर ने नव सौ साल पाछे राज करते रला। हुन बेरा आली पाली के चक्रकोट बलते रहोत। ये मन चो राजधानी बारसूर में रली, पाछे ये मन नारायणपाल लगे राज करते रहोत। ये मन बेरा चो बनालो बिति गुड़ी, मुर्ति आऊर राजमहल चो बाचलो पखना मन लोहण्डीगुड़ा लगे इन्द्रावती आऊर नारंगी नदी चो कठा-कठा आऊर आली पाली एबले आसे।
नारायणपाल-लोहण्ड़ीगुड़ा लगे नारायणपाल गांव ने 905 साल पाछे नाग राजा मन गोटोक गुड़ी के बनाऊ रला, हुन गुड़ी इतरो दिन होली तेबले बले असने आसे। गुड़ी चो भीतरे गोटोक षीला ने खुदाई करून लिखलो आसे-छिंदक बस चो नाग राजा सोमेष्वर देव येथा खुब दिने राज कर लो। सोमेष्वर देव चो मरलो पाछे हुन चो बेटा कन्हरदेव राजगद्दी ने बसलो। सोमेष्वर देव चो आया गुंडमहादेवी खूब पूजा पाठ करतो बिति रहे आऊर भगवान के मानते रहे। हुन बलली मचो नाती कन्हरदेव राजा बनलो से हुन चो राज पाट नंगत चलो आऊर येथा चो लोगमन हरीक-उदीम ने रहोत बलते नारायणपाल गांव मे सन् 1111 ई. ने पखना चो बड़े असन गुड़ी बनाऊक बलली आऊर गुड़ी ने विश्णु भगवान चो मूर्ति के मंडाउन भाति पूजा पाठ कराउ रहे। हुन बेरा चो बनालो बिति गुड़ी 905 साल होली तेबले बले जसन चो हुसन आसे। ये गुड़ी के दखूक लाय आलीपाली चो लोग मन एथा एसत।

गढ़बोदरा-इन्द्रावती आऊर नारंगी नदी जोड़ियान चो मंझीगता गढ़बोदरा गांव आसे। येथा नाग राजा महल चो पखना मन खुब दिन ले रली। येथा नाग राजा मधुरान्तक देव चो गढ़ रहे बलसत। राजा आपलो रक्षा काजे दुनो नदी चो मझीगता आपलो महल के बनाऊ रहे।
कुरूशपाल टेमरा राजपुर- नारायणपाल गांव लगे कुरूशाल,टेमरा आऊर राजपुर गांव आसत। ये गांव ले पुरातत्व विभाग के छिदंक नाग राजा मन राज करते रहोत हुन बेरा चो तांबा ने लिखलो बिति येथा चो इतिहास पढ़तो काजे मिरू रहे। बारसूर बाट ले एऊन भाति नाग राजा मन खूब दिन ले येथा राज करूरला। ये राजा मन चो एथाय डेरा रली। हुन बेरा ले मनुक मन चो जीवना येथा आसे। धीरे-धीरे नाग राजा मन चो राज पाट सरतो के आली पाली ने छिड़ान होली। आली पाली ने नाग राजा मन नी रला। पाछे दीगर बस चो राजा मन आपलो डेरा के येथा नी बनाऊन भाति डोंगर, मधोता, बस्तर आऊर जगदुगुड़ा ने बनाला।
धाराऊर-हुन बेरा नाग राजा जगदेक भूशण धारावर्श आली पाली ने राज करू रहे। हुनी धारावर्श चो नाव असन लोहण्डीगुड़ा चो धाराऊर चो नाव आसे। धाराऊर, बड़े धाराऊर आऊर बेनी धाराऊर गांव एबलेे बले आसत। बड़े धाराऊर चो बजार पसरा ने काली माई चो जुना गुड़ी आसे। येथा षुकरवार दिने बजार भरूआय। ये बजार आली पाली चो सबले बड़े बजार आय। येथा साल भर ने मण्डई बले होऊआय। सन् 1961 में गोली काण्ड होउ रहे तेभे लोहण्ड़ीगुड़ा के आली पाली चो लोग जानुरला।
गढ़िया-बड़े धाराऊर लगे गढ़िया गांव आसे। येथा बले नाग राजा चो गढ़ रहे बलसत। सते आय तेभे तो येथा हुन बेरा चो जमक मन मिरली से।
छिंदगांव-छिंदगांव ने इन्द्रावती नदी चो कठा नाग राजा बेरा चो षिव गुड़ी एबले आसे मानतर देखरेख नी होतो के टूट-फूट होली से। हुनके बनालेक पूजा पाट करतो असन होयदे आऊर हरिक उदुम लागेदे। तेभे ऐथा दीगर बाट चो लोग मन बले दखुक लाय येदे।
चक्रकोटगढ़-चितरकोट के घूमर बले बलसत। येथा इन्द्रावती नदी चो पानी बोहुन भाति बड़े असन खोदरा ने घसरू आय। येके दखतो काजे आली पाली आऊर देष-दुनिया चो लोग एथा एसत मान्तर कोनी बले येथा चो इतिहास के नीजानत। येथा नाग राजा मन राज करते रला हुन बेरा चो षिवलिंग आऊर मूर्ति मन मिरली से। जुना लोग मन चो सुनलो गोठ के येथा चो लोग येबले नी भुलकला सत। बलसत 11वीं ले 13वीं षताब्दी चो मंझीगता नाग राजा हरिष्चन्द्र चितरकोट ने डेरा बनाऊन राज करते रहे। काकतीय राजा अन्नमदेव बारंगल ले एऊन भाति एथा चो नाग राजा हरिष्चन्द्र संगे लड़ाई करून रहे मने। बलसत दुनो राजा मन लड़ाई करते-करते धाराऊर लगले अमरू रहोत। ये लड़ाई ने नाग राजा चो बेटी चमेली बावी बले आपलो बाप बिता संगे लडूक लागू रहे मने। नाग राजकुमारी चमेली बावी ये लड़ाई में मरून बले अमर होली आऊर येथा चो लड़ाई सरतो के नाग राजा मन चो राज पाट येथा आऊर आली पाली सरली। बलसत राजकुमारी चमेली बावी चो मरलो पाछे इन्द्रावती नदी चो कठा हून चो मठ बनाऊन देऊ रहोत। हुन बीति मठ खूब दिन ले रली। नाग राजा मनचो बनालो बीति सात आगर सात कोड़ी गुड़ी आऊर हुतरोय तरई मन आलीपाली नें रली बे। एबय बले कहां-कहां गुड़ी आऊर तरई मन दखुकलाय मिरसत।

 


शिव शंकर कुटारे
ग्राम-बड़े धाराउर
तहसील लौहण्डीगुड़ा
जिला-बस्तर छ.ग.
मो.-9406294695