स्पष्टीकरण

स्पष्टीकरण 1-‘गुड़दुम’ पत्रिका का प्रकाशन किसी तरह के आर्थिक लाभ के लिए नहीं किया जा रहा…

हल्बी के जानूं (हल्बी को जानें)

गोठ बात (संवाद) हल्बी राम-राम मंगलू राम-राम सोमारू काय करसीत ना? (क्या कर रहे हो?) कांई…

बस्तर की संस्कृति-नाग राजा चो गुड़ी-शिव शंकर कुटारे

नाग राजा चो गुड़ी नाग राजा मन बस्तर ने नव सौ साल पाछे राज करते रला।…

हलबी कविता -विश्वनाथ देवांगन

रान बन के नी गोंदा फल दयसे पान दयसे, दयसे आमके पानी। रान बन के नी…

हल्बी चो शब्द मन

हल्बी चो शब्द मन मोटरसाइकिल – फटफटी मुर्गा – कुकड़ा मुर्गी – कुकडी़ बोकड़ा – बकरा…

हलबी कविता -नरेंद्र पाढ़ी

भुतयार मंय भुतयार आंय मसागत करून खंयसे, कुटुम संगे हरिक ने रहेंसे। मंय मसागत करेंसे मसागत…

हलबी कविता-हितेन्द्र कोण्डागंया

– पडा-लिका – पडा लिका अरू लिका पडा लगे जानू ईसकूल आसे । अदायं तो मुबाईल…

हलबी कविता-पुरषोत्तम पोयाम

बलले बडे अकल राने गोटोक बाघ… रये, सब जीव के डराऊन खाए। गोटक दिने प्यास काजे,…

हलबी कविता -डी राज सेठिया

अकतई सुंदर दिन आज इली, सियान सजन के मन भावली। इली इली अकतइ तिहार इली।1। बड़े…

हलबी कविता-सनत सोरी

मया करेंसे मैं तुचो दीवाना आँय मया करेंसे। सुरता करुन तुके मैं बया होलेंसे। स्नु पाउडर…