अंक-20-बहस-साहित्य के निशाने

साहित्य के निशाने सन 1984 में एक हिंदी फिल्म आयी थी -’पार्टी’ इस सिनेमा को गोविंद…

बातचीत-सुरेन्द्र रावल

‘एक मुलाकात’ व ‘परिचय’ श्रृंखला में इस तथाकथित पिछड़े क्षेत्र से जुड़े हुए और क्षेत्र के…

उंगलबाज

उंगलबाज ’’यार! साहित्य में खुद को बड़ा साहित्यकार कैसे साबित करूं ? मैं न तो ढंग…

सुरेन्द्र रावल की कविता

वह वृक्ष वह वृक्ष, जिसमें बनाए थे पंछियों ने घोंसले, वह वृक्ष, अब बदल गया है।…

उषा अग्रवाल की कविता

कविता का बनना तन्हाई से भरा उफ! कितना बोरिंग सा था कल का वो दिन। दोपहर…

अलका पांडे की लघुकथा

कमल या कीचड़ ’समझ में ये नहीं आता कि यहाँ किसी के थोडा फेमस हो जाने…

अंक-20-पाठकों की चौपाल

आदरणीय संपादक महोदय नमस्कार आपकी पत्रिका मिली पढ़कर संतुष्टि हुई कि लीक पर ही नहीं चला…

व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-अंग्रेजों की जूठन

अंग्रेजों की जूठन सुना है, अंग्रेजों का भारत से जाने का कोई इरादा न था। कभी…

व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-मेरी सड़क

मेरी सड़क मुझे लगातार लग रहा है कि मेरी सड़क के प्रति पुरातत्ववेत्ताओं की उपेक्षा कोई…

अंक-20+21+22+23+24 (मार्च 19 – मई 20) विवरणिका सुरेन्द्र रावल पर केंद्रित

अंक-20+21+22+23+24  (मार्च 19 – मई 20) विवरण/1 पाठकों से रूबरू/2 पाठकों की चौपाल-5 बहस/साहित्य के निशाने/6…