शिकार बैलगाड़ी के लगातार जाने से बने पहियों के गहरे निशान जंगल के अंधियारे में गुम…
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श्रीमती किरणलता वैद्य की कहानी-खिड़की से झाँकता चेहरा
खिड़की से झाँकता चेहरा सूर्यास्त के पूर्व की चिरपरिचित सुनहरी बेला संध्या के चेहरे पर किसी…
सनत जैन की कहानी – बैरागी
बैरागी ’सोचता हूं मैं रेवती की बात मानकर उसके साथ रहने लगूं।’ अचानक दूसरी बातों के…
डॉ शैल चंद्रा की आठ लघुकथाएं
शॉपिंग “देख तो रमशीला, ये साड़ी कैसी है। अभी-अभी आन लाइन शॉपिंग से आई है।”मालकिन ने…
माणक तुलसीराम गौर की कहानी – भाभी
भाभी ‘हम दो हमारे दो’ के सुन्दर नारे को चरितार्थ करते हुए शर्मा परिवार सुखी जीवन…
लेखन का नया चलन- व्यंग्य : डॉ किशोर अग्रवाल
लेखन का नया चलन क:”आजकल खूब छप रहे हो आज भी भारत न्यूज़ के साहित्यिक बनने…
सामाजिक समरसता के दीमक
नक्कारखाने की तूती यह शीर्षक हमारे उन विचारों के लिए है जो लगातार हमारा दम घोंटते…