पहचान बिना सोचे समझे कहीं भी सिर झुक जाए बगैर सहमति गिनती के काम आए यह…
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काव्य – ग़ज़ल -शैलेन्द्र शर्मा
ग़ज़ल किरदार पासे का हूं मगर सोचता हूं मैं किसकी बिसात पर यहां फेंका गया हूं…
सुरेन्द्र रावल की कविता
वह वृक्ष वह वृक्ष, जिसमें बनाए थे पंछियों ने घोंसले, वह वृक्ष, अब बदल गया है।…
काव्य – शिवेन्द्र यादव
तमन्ना ख़्वाबों के एक जहाँ में यादों के आसमां में अपने अरमानांे पर कर काबू तुम्हारी…
काव्य – रजनी साहू ‘सुधा’
कीमती समान निश्चय ही मैं याद रखूंगी यात्रा में मेरे कीमती सामान, सब अपने पास रखूंगी।…
काव्य – दिनेश विश्वकर्मा
औसत जिंदगीनामा कितनी परतें हैं जिंदगी की समझूं अगर… तकिये पर ख्वाबों की कसीदाकारी है सड़कों…
काव्य-रमेश जैन राही
पहुँच एक अधिकारी के रवैये से जब नागरिक त्रस्त रहने लगे तो उनकी शिकायत उच्च स्तर…
काव्य-नज़्म नफरत निकाल के-ज़ाल अन्सारी
नज़्म नफरत निकाल के दोस्ती का फूल ये बेमिसाल हैं इस फूल को यारा रखना संभाल…
काव्य-डॉ. के. के. अग्रवाल
वह मेरे घर आई है वह मेरे घर आई है दबे पांव, कई दिनों से आ…