जल का कोप —————– जीवनदायनी जल भी कोप कर सकता है, मेरी समझ के बाहर था,…
Month: September 2022
यात्रा संस्मरण-संतोष श्रीवास्तव
डॉ. कामिल बुल्के के भारत प्रेम को सलाम – बेल्जियम ******* बेल्जियम के डॉ. कामिल बुल्के…
~ डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ के दोहे ~
~ डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ के दोहे ~ —————————————– ‘केस’ बहुत मज़बूत था, पर भारी था…
सनत जैन की कहानी – बैरागी
बैरागी ’सोचता हूं मैं रेवती की बात मानकर उसके साथ रहने लगूं।’ अचानक दूसरी बातों के…
अनिल जैन की दो ग़ज़लें
ग़ज़ल 1 तिश्नगी (प्यास) सांस जाये टूट पर ज़िंदा रहेगी तिश्नगी बेकरारी का बने कोई सबब…
पं.जमदग्निपुरी की चार कवितायेँ
बचपन का सपना ———————— बचपन में सोंचा करते थे, पता नहीं कब सयान होगें। पता नहीं…
डॉ शैल चंद्रा की आठ लघुकथाएं
शॉपिंग “देख तो रमशीला, ये साड़ी कैसी है। अभी-अभी आन लाइन शॉपिंग से आई है।”मालकिन ने…