शॉपिंग “देख तो रमशीला, ये साड़ी कैसी है। अभी-अभी आन लाइन शॉपिंग से आई है।”मालकिन ने…
Day: September 11, 2022
विद्या गुप्ता की कवितायेँ
कविता-1 शुक्रिया….!! पावस तुम आए घर गगन तक पावन सोंधी माटीगंध भर लाये पतझड़ हुए मन…
शॉपिंग “देख तो रमशीला, ये साड़ी कैसी है। अभी-अभी आन लाइन शॉपिंग से आई है।”मालकिन ने…
कविता-1 शुक्रिया….!! पावस तुम आए घर गगन तक पावन सोंधी माटीगंध भर लाये पतझड़ हुए मन…