बीजी पहाड़ों में जिस तरह वर्ष भर मौसम ख़ुशगवार हुआ करता है कुछ ऐसा ही हमारे…
Day: March 1, 2019
अंक-20- पाठकों से रूबरू-गांव एक सुगंधित हवा
गांव एक सुगंधित हवा ये सांस ही तो लेनी है इस दुनिया में फिर क्यों है…
अंक-20-बहस-साहित्य के निशाने
साहित्य के निशाने सन 1984 में एक हिंदी फिल्म आयी थी -’पार्टी’ इस सिनेमा को गोविंद…
बातचीत-सुरेन्द्र रावल
‘एक मुलाकात’ व ‘परिचय’ श्रृंखला में इस तथाकथित पिछड़े क्षेत्र से जुड़े हुए और क्षेत्र के…
सुरेन्द्र रावल की कविता
वह वृक्ष वह वृक्ष, जिसमें बनाए थे पंछियों ने घोंसले, वह वृक्ष, अब बदल गया है।…
अंक-20-पाठकों की चौपाल
आदरणीय संपादक महोदय नमस्कार आपकी पत्रिका मिली पढ़कर संतुष्टि हुई कि लीक पर ही नहीं चला…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-अंग्रेजों की जूठन
अंग्रेजों की जूठन सुना है, अंग्रेजों का भारत से जाने का कोई इरादा न था। कभी…