लेखकों से निवेदन वैसे तो साहित्य की तमाम विधाएं महत्वपूर्ण हैं किसी भी विधा को कमतर…
Day: March 1, 2019
काव्य संग्रह ’काव्य यात्रा’ की समीक्षा-सनत कुमार जैन
सुरेन्द्र जी की कविता में….. कविता लिखते वक्त कवि क्या सोचता है और पढ़ते वक्त पाठक…
मुंशी प्रेमचंद की कहानी ’बूढ़ी काकी’ के बहाने
मुंशी प्रेमचंद की कहानी ’बूढ़ी काकी’ के बहाने मंुशी जी की कहानियों में समाज का सच…
अंक-20-पाठकों की चौपाल
आदरणीय संपादक महोदय नमस्कार आपकी पत्रिका मिली पढ़कर संतुष्टि हुई कि लीक पर ही नहीं चला…
आलेख – कौन सा लेखन एक अफीम है ?
कौन सा लेखन एक अफीम है ? किसी भी स्थान या क्षेत्र का इतिहास किस तरह…
काव्य – दिनेश विश्वकर्मा
औसत जिंदगीनामा कितनी परतें हैं जिंदगी की समझूं अगर… तकिये पर ख्वाबों की कसीदाकारी है सड़कों…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-अंग्रेजों की जूठन
अंग्रेजों की जूठन सुना है, अंग्रेजों का भारत से जाने का कोई इरादा न था। कभी…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-मेरी सड़क
मेरी सड़क मुझे लगातार लग रहा है कि मेरी सड़क के प्रति पुरातत्ववेत्ताओं की उपेक्षा कोई…