उचित युक्ति संभव कर देती सारे काम को. बात कहते प्रकृति व विवेक सदा एक ही.…
Month: March 2014
काव्य-श्रीमती मंजू लुंकड़
नारी कल्पना नहीं की जा सकती नारी बिना संसार की परिवार के आधार की देश के…
काव्य-बद्रीश सुखदेवे
प्यारा न्यारा बस्तर हमारा छत्तीसगढ़ में देवी-देवताओं का गढ़ बस और तर, तर और बस. एक…
ग़ज़ल-नूर जगदलपुरी
दफ़तर नामा…..1 अपनी मेहनत का हमें पेमेन्ट मिलना चाहिए और वो भी आज ही अर्जेन्ट मिलना…
प्रवेशांक-बहस-लोककथा
कला, साहित्य, संगीत, खेलकूद इत्यादि रचनात्मक चीजों की जरूरत हम महसूस करतें हैं- क्यों ? यह…
काव्य-कमलेश्वर साहू
क्या समय रहते जाग जायेंगे बच्चे ? सदी का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है यह कि बारूद…
काव्य-अरविन्द बहार
मैं बस्तर बोल रहा हूॅ अपने मन के तराजू के पलड़े तोल रहा हूँ. मैं बस्तर…
पुस्तक अंश / संस्मरण-हरिहर वैष्णव
लालाजी के चले जाने का अर्थ लाला जगदलपुरी. एक ऐसा नाम जिसे छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल…
इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के दौर में हबीब तनवीर
छत्तीसगढ़ की माटी को हबीब तनवीर के रूप में एक ऐसा व्यक्तित्व मिला है जो एक…
हायकू-उषा अग्रवाल ‘पारस’
करे आहत झुर्रियां, झिड़कियां ज़िन्दा चाहत. फैला देता है सन्नाटा ही सन्नाटा यादों का शोर. भैय्या…