हमने घर-घर बस्तर देखे कैसे-कैसे मंजर देखे दुश्मन घर के अंदर देखे। बस्ती का क्या हाल…
Category: पद्य
हाइकू-विभा रश्मि
पेशेवर प्रेमी खुली रखे खिड़की तके लड़की। कमल कींच खिला तलैया बीच नशे में भौंरा। भ्रमर…
काव्य-डॉ. जगदीशचंद्र वर्मा
हिमालय विश्व पटल पर इसका नजारा, बहुत ही प्यारा है। हिमालय हमारा गौरव है, और हम…
हाइकू-डॉ. रघुनंदन चिले
हाइकू हाइकू लघु अभिव्यक्ति सटीक सशक्त विधा। कविता वही जो भावबोध देय बाकी की हेय। अपराध…
काव्य-श्रीमती नंदिनी प्रभाती
साहस चींटी-सा चुपचाप यत्न मन के गहरे कोने में सहमा-सा एक बीज पड़ा है सृष्टि के…
काव्य-नलिन श्रीवास्तव
जंगली चट्टान की मौत मेहनत कश सॉंसों की उपलब्धि का दर्पण चटीयल-जीवन और उस पर काई…
काव्य-एस.एस.त्रिपाठी
काम, योग और भोग काम एक प्रचंड ऊर्जा ऊर्जा जीवन का पर्याय जीवन यानि गति गति…