समीक्षा-परिचय : नसीम आलम ‘नारवी’-प्रभाकर चौबे

ये तेवर ग़ज़ल के देख ज़रा… अगर साहित्यकार एक्टिविस्ट भी है तो समाज में उसके साहित्य…

डॉ.आशा पाण्डेय के हाइकू

हाइकू पावन प्यार करो तो पाओ सजा ये कैसी बात! प्यार है पूजा मन में जपो…

डॉ.सूर्यप्रकाश अष्ठाना ‘सूरज’ की ग़ज़लें

ग़ज़ल साया हटकर राहगुज़र से। अंजाना था वक्ते सफर से।। कोई तुम्हारे ग़म ना समझे, लेके…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, द्वितीय पुरस्कार-बकुला पारेख

काश…! प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व की मंद-मंद चलती हवा, उड़ते हुए पक्षियों की चहचहाहट की…

अंक-4-फोटोग्राफी-अजयसिंह

अंतिम पन्ना फोटोग्राफर के लिए- श्री अजयसिंह अजय फोटो स्टुडियो के जादुई फोटोग्राफर अपने कैमरे से…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, द्वितीय पुरस्कार-कुमार शर्मा अनिल

पुरस्कार साहित्य अकादमी का ऑडिटोरियम काफी भरा हुआ नजर आ रहा है। वर्ष 2014 के साहित्य…

उर्मिला आचार्य की कविता एवं हाइकू

टेढ़े-मेढ़े रास्ते पूनम की रात मेला मंडई के बाद लौट रही मां-बेटी साथ-साथ दूर गांव घर…

दिवाकर दत्त त्रिपाठी का काव्य

    गीत आज कहीं बरबाद न कर दे, आने वाला कल सोचूंगा, अब हर एक…

अंक-4-नक्कारखाने की तूती-शिक्षा के विषयों की समीक्षा फिर से की जाय।

शिक्षा के विषयों की समीक्षा फिर से की जाय। – आज जो शिक्षा दी जा रही…

बस्तर पाति कहानी प्रतियोगिता-1, प्रथम पुरस्कार-जय मरकाम-खोया क्या

खोया क्या ? बात उन दिनों की है मै सोलह-सत्रह साल का रहा। जवानी की दहलीज…