ग़ज़ल किरदार पासे का हूं मगर सोचता हूं मैं किसकी बिसात पर यहां फेंका गया हूं…
Tag: अंक-20+21+22+23+24
काव्य – शिवेन्द्र यादव
तमन्ना ख़्वाबों के एक जहाँ में यादों के आसमां में अपने अरमानांे पर कर काबू तुम्हारी…
काव्य – रजनी साहू ‘सुधा’
कीमती समान निश्चय ही मैं याद रखूंगी यात्रा में मेरे कीमती सामान, सब अपने पास रखूंगी।…
काव्य संग्रह ’काव्य यात्रा’ की समीक्षा-सनत कुमार जैन
सुरेन्द्र जी की कविता में….. कविता लिखते वक्त कवि क्या सोचता है और पढ़ते वक्त पाठक…
काव्य – दिनेश विश्वकर्मा
औसत जिंदगीनामा कितनी परतें हैं जिंदगी की समझूं अगर… तकिये पर ख्वाबों की कसीदाकारी है सड़कों…
अंक-20+21+22+23+24 (मार्च 19 – मई 20) विवरणिका सुरेन्द्र रावल पर केंद्रित
अंक-20+21+22+23+24 (मार्च 19 – मई 20) विवरण/1 पाठकों से रूबरू/2 पाठकों की चौपाल-5 बहस/साहित्य के निशाने/6…