बैरागी ’सोचता हूं मैं रेवती की बात मानकर उसके साथ रहने लगूं।’ अचानक दूसरी बातों के…
Year: 2022
अनिल जैन की दो ग़ज़लें
ग़ज़ल 1 तिश्नगी (प्यास) सांस जाये टूट पर ज़िंदा रहेगी तिश्नगी बेकरारी का बने कोई सबब…
पं.जमदग्निपुरी की चार कवितायेँ
बचपन का सपना ———————— बचपन में सोंचा करते थे, पता नहीं कब सयान होगें। पता नहीं…
डॉ शैल चंद्रा की आठ लघुकथाएं
शॉपिंग “देख तो रमशीला, ये साड़ी कैसी है। अभी-अभी आन लाइन शॉपिंग से आई है।”मालकिन ने…
विद्या गुप्ता की कवितायेँ
कविता-1 शुक्रिया….!! पावस तुम आए घर गगन तक पावन सोंधी माटीगंध भर लाये पतझड़ हुए मन…
माणक तुलसीराम गौर की कहानी – भाभी
भाभी ‘हम दो हमारे दो’ के सुन्दर नारे को चरितार्थ करते हुए शर्मा परिवार सुखी जीवन…
रजनी साहू “सुधा” की तीन कवितायेँ
मैंनें बस्तर को बोलते सुना है । बस्तर कह रहा है कि, मैं भारत के मानचित्र…
मोहम्मद मुमताज़ हसन की कवितायेँ
‘अम्न के दुश्मन’ ( 1 ) जाति-धर्म/भाषा के नाम पर लड़ने वाले अम्न के दुश्मनों…
लेखन का नया चलन- व्यंग्य : डॉ किशोर अग्रवाल
लेखन का नया चलन क:”आजकल खूब छप रहे हो आज भी भारत न्यूज़ के साहित्यिक बनने…
रश्मि विपिन अग्निहोत्री की कवितायेँ
कविता-1 कुछ इस कदर मर्यादा रखो । तहज़ीब औरों से ज्यादा रखो । ग़र जीतना है…