आलेख – राज नारायण द्विवेदी

नैतिकता की भाषा में राजनीति: इंजीलवादी आन्दोलन का विस्तार और प्रभाव (स्तंभ लेखक – राज नारायण…

समसामयिक आलेख -सी एम जैन

सबसे बड़ा भ्रम दो शब्द—“सरकारी पैसा”! एक गरीब पिता का बच्चा बाज़ार में खिलौना देखकर जिद…

समसामयिक आलेख-कुणाल चालीसगांवकर –

सोशल जनरेशन लेबल्स का भारतीय दर्पण: क्या हम वाकई ‘जेन ज़ी’ हैं या सिर्फ़ जयकारों के…

व्यंग्य-डॉ बी प्रकाश मूर्ती “पैमाना”

कराओके कुमार जी का कोहराम  हमारे एक पड़ोसी हैं कराओके कुमार जी इनके अनुसार इनमें गायकी…

अर्ध रात्रि का ज्ञान

अर्ध रात्रि का ज्ञान पकने का समय कई दिनों से अब तक/लिखने का समय 7.45 ए.एम.…

कहानी – दुनिया गोल है – सनत सागर

दुनिया गोल है  ’एक भी पेड़ कटने नहीं देंगे हम! चाहे इसके लिये जान भी देनी…

कहानी-प्रकाश स्तम्भ-सनत सागर

प्रकाश स्तम्भ बड़ी गहमागहमी थी। हर कोई एक दूसरे से जोश से मिल रहा था। बड़े…

कहानी-उड़ान -सनत सागर

उड़ान ’वाह! इतनी सुंदर कुर्सी! इसे देखकर ही मन खुशी से भर जा रहा है।’ कुर्सी…

गुड़दुम के कवर पेज

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स्पष्टीकरण

स्पष्टीकरण 1-‘गुड़दुम’ पत्रिका का प्रकाशन किसी तरह के आर्थिक लाभ के लिए नहीं किया जा रहा…