इक सा नारी सिर्फ षोड़सी या बिहारी की नायिका नहीं कोमलता की सुंदरतम कृति नहीं दहेज…
Category: पद्य
नसीम आलम ‘नारवी’ की ग़ज़लें
ग़ज़ल-1 उनसे किसे उम्मीदे-वफा है। पत्थर में कब फूल खिला है।। सीने में फिर दर्द उठा…
श्रीमती सरिता पाण्डेय की कवितायेँ
तेरे आंचल सी नहीं या तो गृहलक्ष्मी कहा, या फिर पग की धूल। इन दोनो ही…
नज़्म सुभाष की ग़ज़लें
ग़जल-1- यूं मुझे तनहाई देगा, अंतिम बार विदाई देगा। बहुत शोर है मेरे भीतर, कुछ भी…
लाला जगदलपुरी संस्मरण- सुरेश चितेरा
काव्यः लालाजी की याद में लाला जी के याद में वे कवि थे, लाला जी थे,…
सुमय्या काशिफ की कवितायेँ
मां देख रही हूं सपनों में जिसे अपने ख्वाबों ख्यालों में जिसे सोच रही हूं और…
चक्रधर शुक्ल की कविता
काजल चुराना रूपसी ने आंख का काजल चुराया बुजुर्ग बोला इस उम्र में तुमने काजल क्यों…