भारतीय संस्कारों से घृणा क्यों ? ’’एक जन्म तो झेलना मुश्किल है सात जन्मों का कौन…
Year: 2020
प्रीति प्रवीण खरे की कविताएं
द्रोपदी हाथ पकड़ कर दुशासन मौन सभा में लाया पांडव कुछ भी न बोले माँं का…
बढ़ते कदम- अनिता चांडक की कविताएं
आसमान धरती पर गड़ा वृक्ष, आसमान की ओर बढ़कर फलेगा। आसमान की वर्षा से, धरती का…
बढ़ते कदम-ओम प्रकाश ध्रुव की कविताएं
अनजान निकल पड़ा हूँ अनजान डगर पे, शायद मंज़िल मिले इसी सफ़र पे। उम्मीद की…
अंक-25 बहस -कहानी में वाचिकता
कहानी में वाचिकता इस धरती में कहानी कब शुरू हुयी होगी। उसका स्वरूप कैसा होगा। जाने…