कौन गरीब “भाई सब लोग मिलकर 1100/- रुपये दे रहे हैं। तुम कब भिजवा रहे हो।“-देवेंद्र…
Category: गद्य
गद्य आधारित विधाओं का स्तम्भ
विशेष आलेख- डाॅ कौशलेन्द्र मिश्र
भारत की नयीपीढ़ी और नयीपीढ़ी का भारत अफ़्रीका के एक मित्र ने मुझसे जानना चाहा कि…
यात्रा संस्मरण-त्रिलोक महावर
अंडमान निकोबार हवाई जहाज की खिड़की से झांकने पर नीचे अथाह समंदर, जिसमें मगरमच्छ की तरह…
कहानी -डाॅ विनोद कुमार वर्मा
नर्मदा: एक परिचय कहते हैं, मध्यप्रदेश की नदियाँ उन कुँवारी बेटियों के समान हैं जो वहाँ…
व्यक्तिगत विवरण-डाॅ कौशलेन्द्र
नाम – कौशलेन्द्र मातृभाषा – हिंदी अन्य बोलियाँ – भोजपुरी एवं बृज लेखन विधा – निबन्ध,…
लघुकथा-डा. मीनाक्षी बाजपेयी ’मीनू’
जो दिखता है वो बिकता है शहर में बड़े-बड़े शिक्षा संस्थानों के द्वारा मिलकर युवाओं को…
रंग रंगीला बस्तर-भाजीराम मौर्य
आदिवासी मुरिया समाज की माहला रस्म मुरिया समाज में युवक युवती शादी की उम्र होने…
व्यंग्य-सुभाष पांडे
भूख मीमांसा चलते-चलते वे मुझे बाजार में मिल गए। मुझे रोक कर बोले -’अरे भाई! तुमने…
छोटी कहानी-श्रीमती कामना पाण्डेय
विदाई डाकिया…….. इस आवाज के साथ, एक पत्र, दरवाजे पर आकर गिरा। पीहू ने दौड़कर पत्र…