भारतीय संस्कारों से घृणा क्यों ? ’’एक जन्म तो झेलना मुश्किल है सात जन्मों का कौन…
Category: व्यंग
साहित्य की व्यंग्य विधा की रचनाएँ
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-अंग्रेजों की जूठन
अंग्रेजों की जूठन सुना है, अंग्रेजों का भारत से जाने का कोई इरादा न था। कभी…
व्यंग्य-सुरेन्द्र रावल-मेरी सड़क
मेरी सड़क मुझे लगातार लग रहा है कि मेरी सड़क के प्रति पुरातत्ववेत्ताओं की उपेक्षा कोई…