डॉ.रूपेन्द्र कवि 

डॉ.रूपेन्द्र कवि 

नाम – डॉ.रूपेन्द्र कवि,
पिता का नाम – श्री रमाकान्त कवि,
माता का नाम – श्रीमती प्रिति कवि,
पत्नि का नाम – श्रीमती सोनिका कवि,
जन्म तिथि – 17 फरवरी 1979
लिंग – पुरूष
राष्ट्रीयता – भारतीय
श्रेणी – सामान्य
वैवाहिक स्थिति – विवाहित
निवास का पता – ’’कवि निवास’’,ग्राम व पोस्ट -मालगॉव,
तहसील-बकावंड, जिला बस्तर (छत्तीसगढ)
पिन – 494221
दूरभाष – 07782-206233
मोबाईल/वाटसएप नम्बर – 09111197070
ई-मेल –drkavianthro@gmail.com

शैक्षणिक योग्यता
1 सन् 1994 में शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर से द्वितीय श्रेणी से ’हाई स्कूल’ परीक्षा उत्तीर्ण।
2 सन् 1996 में शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,जगदलपुर से तृतीय श्रण्ेी से ’हायर सकेण्ड्ररी’ परीक्षा उत्तीर्ण।
3 सन् 1999 में शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,जगदलपुर से मानवविज्ञान, अर्थशास्त्र व संस्कृत साहित्य विषय के साथ प्रथम श्रेणी से ’स्नातक’ परीक्षा उत्तीर्ण।
4 सन् 2001 में ’’ सामाजिक मानवविज्ञान’’ विषय में मानवविज्ञान अध्ययनशाला, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय,रायपुर से द्वितीय श्रेणी से ’’ स्नातकोत्तर ’’ परीक्षा उत्तीर्ण।
5 सन् 2007 में मानवविज्ञान अध्ययन शाला, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से ’’ बस्तर के अनुसूचित जनजातीयों के विकास परियोजना का योगदान- एक मानवशास्त्रीय मूल्यांकन ’’ विषय में डॉ (श्रीमती) मंजुला गृहा, भूतपूर्व प्रध्यापिका एवं विभाग अध्यक्ष के निर्देशन एवं डॉ.टी.के.वैष्णव, संयुक्त संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के सहनिर्देशन में पी-एच.डी.की उपाधि प्राप्त की।
6 सन् 2007 में मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल से’’ विरासत प्रबंधन एवं संग्रहालय विज्ञान’’ विषय में प्रथम श्रेणी में रहकर विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त।
7 जून 2008 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित कनिष्ठ अध्येता वृत्त/राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा(न्ळब्ध्छम्ज्) में ’’मानवविज्ञान’’ विषय में परीक्षा उत्तीर्ण।
8 सन् 2009 में भाषाविज्ञान अध्ययनशाला पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से ’’भाषाविज्ञान’’ विषय में द्वितीय श्रेणी से स्नात्कोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण।
9 सन् 2009 पं.सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय,बिलासपुर (छ.ग.) से ’’छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति में पत्रोपाधि’’ परीक्षा उत्तीर्ण।
10 सन् 2011 में समाजशास्त्र अध्ययनशाला पं.रविशकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से ’’ समाजशास्त्र’’ विषय में द्वितीय श्रेणी से स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण।
11 सन् 2019 में हिन्दी अध्ययनशाला बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर से ’’ हिन्दी साहित्य’’ विषय में द्वितीय श्रेणी से स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण।
सम्मान/प्रशस्ति/अवार्डः-
1 भारतीय दलित साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा 9-10 दिसम्बर 2012 को दलित व पिछड़े वर्ग के लिए किये जाने वाले सकरात्मक लेखन व अन्य गतिविधियों के लिए ’’ महात्मा ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय फेलोशिप अवार्ड’’ से सम्मानित।
2 अखिल भारतीय भतरा समाज जिला बस्तर द्वारा 03 फरवरी 2013 को समाज के लिए बौद्धिक, शैक्षणिक व सामाजिक योगदान के लिए ’’श्री बागवान खुटी विशिष्ट सेवा सम्मान-2013’’ से सम्मनित।
3 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज,बस्तर संभाग,जगदलपुर द्वारा ’शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धि’ के लिए ’बस्तर गोंचा महापर्व-2013 के दौरान 14.07.2013 को ’सम्मान पत्र’ से सम्मानित।
4 प्ुलिस उप महानिरिक्षक.केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल.छत्तीसगढ द्वारा सेक्टर वैपन एवं टैक्टिस संस्थान केरिपुब (स्वाती ) अम्बिकापुर के सैनिक अघिकारी व जवानों को बस्तर के जनजाति हल्बी बोली विषेषज्ञ़-सह-अनुदेषक के रूप में जनवरी 2014 में दियें प्रषिक्षण के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु ’’प्रशंसा पत्र ’’ से सम्मानित।
5 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला बस्तर द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह वर्ष 2014 के अवसर पर ’’अनुसंधान एवं प्रशिक्षण ’’ क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु ’’प्रशस्तिपत्र ’’से सम्मानित।
6 भारतीयदलित साहित्य आकादमी छ.ग.राज्य द्वारा 14 अप्रैल 2014 को डॉ.भीमराव आंबडेकर की 123वीं जयंती के अवसर पर धमतरी में आयोजित आठवाँ राष्ट्रीय प्रबोधन सम्मेलन में सर्वोच्च अलंकरण ’’भीम चेतना अवार्ड -2014’’ से सम्मानित।
7 भारतीय दलित साहित्य अकादमिक जिला बलोद(छ.ग.)द्वारा 6ठा शिक्षक स्वाभिमान दिवस एवं राज्य स्तरीय शोध संगोष्ठी दिनांक 09 सितम्बर 2014 को ’’ महात्मा ज्योतिबा फुले स्मृति आदर्श प्राध्यापक सम्मान -2014’’ से सम्मानित।
8 बस्तर के मूल निवासी सर्वसमाज द्वारा 10 फरवरी 2016 को ’भूमकाल स्मृति दिवस (106वीं वर्षगाठ)’ के अवसर पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक,बोली भाषा, सामाजिक विकास, इतिहासीक धरोहर एवं बस्तर के महापुरूषों की गाथा संरक्षण में सक्रिय योगदान के लिये बस्तर राजपरिवार की राजमाता श्रीमती कृष्णाकुमारी के हाथों ’’प्रशस्तिपत्र ’’से सम्मानित।
9 अखिल भारतीय परजा समाज बस्तर संभाग (छ.ग.) द्वारा महासभा दिनॉक 12 मार्च 2017 को आदिवासीयों के उत्थान के लिये किये गये उत्कृष्ट कार्यो के लिए ’’पेंगू परजा विशिष्ट सेवा सम्मान- 2017’’ से सम्मानित।
10 लोक असर समाचार पत्र एवं साहित्य समूह द्वारा गुण्डरदेही जिला बालोद (छ.ग.) में दिनांक 01.05.2017 को अयोजित ’’पत्रकारिता चिन्तन के विविध आयाम विषयक परिचर्चा एवं काव्य पाठ’’ एवं ’’लोक असर सम्मान-2017 समारोह’’ में शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट सेवा हेतु ’’लोक असर’’ सम्मान-2017’’ से सम्मानित।
11 माता रूक्मिणी सेवा संस्थान, डिमरापाल, जगदलपुर में छात्राओं को ’अध्ययन के व्यवाहारिक तरीके व व्यक्तिव विकास’ विषय पर विशिष्ट आंमत्रित वक्ता के रूप में व्याख्यान देने के अवसर पर दिनॉक 28.01.2018 को संस्थापक- अध्यक्ष पद्मश्री धर्मपाल सेनी जी द्वारा स्मृति चिन्हव सम्मान पत्र से सम्मानित।
12 सर्व ब्राहम्ण समाज बस्तर संभाग द्वारा अकादमिक उपलब्धियों व साहित्य सेवा के उत्कृष्ट कार्य हेतु 20 अप्रैल 2018 आदिगुरुशंकराचार्य जयंती समरोह सिरहासार भवन जगदलपुर में प्रशस्ति पत्र से सम्मानित।
13 छ.ग.राज्य युवा आयोग एव दैनिकभास्कर समूह द्वारा अकादमिक उपलब्धियों व साहित्य सेवा के उत्कृष्ट कार्य हेतु 29 अगस्त 2018 राष्ट्रीय खेलदिवस एवं प््रातिभासम्मानसमरोह बस्तर चेंम्बर ऑफ कॉमर्स भवन जगदलपुर में प्रशस्ति पत्र से सम्मानित।
14 सामाजिकविज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान,इलाहबाद (एसएसएस आइ आऱ) द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’ संबोध’’(बस्तर विषेषांक) वर्ष -5,अंक-9,जनवरी-जून 2019 में लेख्रन के लिए “लेख्रक श्री सम्मान” से संस्थान द्वारा स्मृति चिन्हव सम्मान पत्र से सम्मानित।
15 महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविदयालय रायपुर व आदिमजाति विकास परिषद (छ.ग.)द्वारा आयोजित राष्ट्रीयशोध संगोष्ठी दिनॉक 22सितम्बर 2019 को अकादमिक उत्कृष्ट कार्य हेतु षिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह द्वारा स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र से’’षहीद वीर नारायण सींह राष्ट्रीय सम्मान -2019’’ से सम्मानित।

वर्तमान पदस्थापनाः-अनुसंधान अधिकारी/उप संचालक, आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय इकाई, जगदलपुर (छ.ग.)।
शोध अनुभवः-
अ- अध्यापन का अनुभव-
1/ अतिथि सहायक प्राध्यापक – स्नातक व स्नात्कोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को 09 सितम्बर 2005 से 30 अप्रैल 2006 तक शासकीय दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय जगदलपुर में अध्यापन।
2/ संविदा व्याख्याता – स्नात्कोत्तर व एम.फील.स्तर के विद्यार्थियों को 01 अक्टूबर 2006 से 09 अप्रैल 2007 तक मानवविज्ञान अध्ययनशाला पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में अध्यापन।
ब-शोध कार्य का अनुभव-
शोध- 18 वर्ष (05 वर्ष पी-एच.डी. के पश्चात्, जुलाई 2007 से निरंतर)
शोध प्रकाशनः-
प्रकाशित पुस्तक (मूल- 08 व अनूदीत पुस्तक – 02) – 10
प्रकाशनाधिन प्रेषित – 02
प्रकाशित शोधपत्र – 41
प्रकाशित शोधसारांश – 30
स्वीकृत शोधपत्र – 02
प्रकानार्थ प्रेषित शोधपत्र – 04
प्रस्तुत शोधपत्र – 39
प्रशिक्षण आयोजन – 02
प्रशिक्षण सह कार्यशाला – 17
प्रदर्शनी – 04
संगोष्ठी/कार्यशाला में अध्यक्षता/सह-अध्यक्षता – 07

परियोजना कार्य का अनुभवः-
अनुसंधान सहायक – 02
1 ’’छत्तीसगढ़ की भतरा जनजाति के प्रथागत विधियों का संहिताकरण’’ जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित लघु परियोजना में 06 अप्रैल 2003 से 05 जुलाई 2003 तक।
2 ’’छत्तीसगढ़ की बिरहोर जनजाति के प्रथागत विधियों का संहिताकरण’’ जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित लघु परियोजना मं 06 जुलाई 2003 से 05 अक्टूबर 2003 तक।
क्षेत्र मानववैज्ञानिकः- 01
1 ’छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय व राजमार्ग के निर्माण कार्यक्रम में धार्मिक/सामाजिक बाधाओं का अध्ययन’-विश्व बैंक के परियोजना में 27 अक्टूबर 2004 से 26 नम्बर 2004 तक।
संगोष्ठी/कार्यशाला में अध्यक्षताः-
1 शासकीय भानुप्रतापदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में 9 व 10 दिसम्बर 2012 को आयोजित ’अंधविश्वास, चुनौतियाँ और दुष्परिणाम‘, विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता।
2 भारतीय दलित साहित्य आकादमी .गुरूर जिला बालोद छ.ग. द्वारा दिनॉक 09 सितम्बर 2014, को ’’ ओ.बी.सी. चिंतन के विविध आयाम’’ विषयक राजस्तरीय शोध संगोष्ठी में द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता।
3 शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,दंतेवाड़ा में 16 व 17 जनवरी 2015 को आयोजित ’जनजातीय क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की चुनौतियाँ’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र की सह-अध्यक्षता।
4 छत्तीसगढ़ आदिमजाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा 10 से 11 दिसम्बर को रायपुर में आयोजित ’’छत्तीसगढ़ आदिवासी महोत्सव 2017’’ के ’आदिवासी साहित्य महोत्सव’ के तृतीय तकनीकी सत्र में रिपोर्टियर के रूप में सहभागिता।
5 ’लोक असर फाउंडेशन’ गुन्डरदेही का बालोद सर्किट हाऊस में दिनॉक 01.05.2018 कोआयोजित ’साहित्यीक कार्यक्रम’ व ’राज्य स्तरीय सम्मान समारोह’ में मानवशास्त्री के रूप में अध्यक्षताकी।
6 महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविदयालय रायपुर व आदिमजाति विकास परिषद छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राष्ट्रीयशोध संगोष्ठी दिनॉक 22सितम्बर 2019 को ’’ षिक्षा कल, आज और कल’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षताकी।
7 शासकीय स्वामी आत्मानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय,नारायणपुर में 18परवरी 2020 को आयोजित ’अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकार की स्थिति का विष्लेषण ’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकीसत्र की अध्यक्षताकी।
प्रदर्शनीः-
1 मानवविज्ञान संग्रहालय जगदलपुर द्वारा ’’दशहरा लोकोत्सव 2004’ में आयोजित प्रदर्शनी ’’ग्लिम्पस ऑफ अबुझमाड़’’ मे।
2 मानवविज्ञान संग्रहालय, जगदलपुर द्वारा ’दशहरा लोकोत्सव 2005’ में आयोजित प्रदर्शनी ’’ग्लिम्पस ऑफ घोटुल सीस्टम’’ में।
3 मानवविज्ञान संग्रहालय, जगदलपुर द्वारा ’दशहरा लोकोत्सव 2006’ में आयोजित प्रदर्शनी ’’ग्लीम्पस ऑफ ट्राईबल बस्तर’’ में।
4 आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर द्वारा 21 फरवरी 2010 को महंत घासीदास संग्रहालय रायपुर में आयोजित ’’आदिपरब’’ में प्रदर्शित फोटो प्रदर्शनी में।
फोटोग्राफीः- भतरा, हल्बा, दण्डामीमाडिया, गोण्ड, धुरवा ,परजा ,भूईया, बिरहोर व अन्य जनजातियों तथा हाट बाजार व ग्रामीण
जनजातीय जनजीवन की फोटोग्राफी ।
प्रशिक्षण आयोजन/संयोजनः- (प्रशिक्षक के रूप में/आयोजक के रूप में/स्त्रोत व्यक्ति (रिसोर्स पर्सन) के रूप में )
ऽ मानीटरिंग अधिकारी/समुह प्रमुख के रूप में फरवरी 2012 में कुछ विकास खण्डों में ’’पाँचवी अनुसूचित क्षेत्र में एच.आई.वी./एड्स के प्रति जागरूकता’’ संबंधी प्रशिक्षण का सफल आयोजन।
ऽ ’’स्वाति सी.आर.पी.एफ प्रशिक्षण संस्थान- अम्बिकापुर(छ.ग.)’’ में आयोजित ’इन सर्विस ट्रेनिंग’ में दिनांक 10.01.2014 से 16.01.2014 तक हल्बी अनुदेशक के रूप में फौजी अधिकारी कर्मचारियों को ’हल्बी बोली’ का प्रशिक्षण प्रदान किया।
ऽ ’’स्वाती सी.आर.पी.एफ प्रशिक्षण संस्थान- अम्बिकापुर(छ.ग.)’’ में आयोजित ’इन सर्विस ट्रेनिंग’ में दिनांक 07.07.2014 से 12.07.2014 तक हल्बी अनुदेशक के रूप में फौजी अधिकारी कर्मचारियों को ’हल्बी बोली’ का प्रशिक्षण प्रदान किया।
ऽ ’’स्वाति सी.आर.पी.एफ प्रशिक्षण संस्थान- अम्बिकापुर(छ.ग.)’’ में आयोजित ’इन सर्विस ट्रेनिंग’ में दिनांक 04.09.2014 से 08.09.2014तक हल्बी अनुदेशक के रूप में फौजी अधिकारी कर्मचारियों को ’हल्बी बोली’ का प्रशिक्षण प्रदान किया।
ऽ ’’स्वाति सी.आर.पी.एफ प्रशिक्षण संस्थान- अम्बिकापुर(छ.ग.)’’ में आयोजित ’इन सर्विस ट्रेनिंग’ में दिनांक 10.01.2014 से 16.01.2014 , 07.07.2014 से 12.07.2014 एवं 04.09.2014 से 08.09.2014तक हल्बी अनुदेशक के रूप में फौजी अधिकारी-कर्मचारियों को ’हल्बी बोली’ का प्रशिक्षण प्रदान किया।
ऽ जाति प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों को ”जाति व जाति प्रमाण पत्र संबंधित जानकारी” विषयक प्रषिक्षण प्रदान किया। (2008-10)
ऽ वन अधिकार अधिनियम (फारेस्ट राईट्स एक्ट) संबंधित सर्वेक्षण दल को एफ. आर. ए. एम. टी. के रूप में प्रषिक्षण प्रदान किया। (2013)
ऽ षासकीय महेन्द्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वाधान में 25-26 मार्च 2015 को दो दिनों की”गोण्डी बोली कार्यषाला” का (संयोजक के रूप में) आयोजन किया।
ऽ बस्तर विकासखंड के 100 नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियां का विधिक प्रषिक्षण प्रदान किया।(2015)
ऽ तोकापाल विकासखंड के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियां का विधिक प्रषिक्षण ”पेसा एक्ट” व ”आदिवासियों के भूमि संबंधी कानून” विषयक प्रषिक्षण प्रदान किया।(2015)
ऽ लोहंडीगुड़ा विकासखंड के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियां का विधिक प्रशिक्षण ”पेसा एक्ट” व ”आदिवासियों के भूमि संबंधी कानून” विषयक प्रशिक्षण प्रदान किया।(29.01.2016)
ऽ षासकीय महेन्द्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा में 2016 में आयोजित छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह में विशिष्ट अतिथि सह स्त्रोत व्यक्ति (युवा मानवशास्त्री) के रूप में सहभागिता।
ऽ बिशप साईमन कान्वेंट स्कूल करीतगाँव (जगदलपुर) में दिनांक 18 फरवरी 2017 को आयोजित वार्षिकोत्सव में विशिष्ट अतिथि सह स्त्रोत व्यक्ति(युवा मानवशास्त्री) के रूप में सहभागिता।
ऽ अखिल भारतीय परजा समाज बस्तर संभाग छ.ग.के ग्राम -धनसरा (बस्तर) में दिनांक 12.03.2017 को आयोजित महासभा में मुख्य अतिथि(युवा मानवशास्त्री) के रूप में सहभागिता।
ऽ लोक असर समाचार पत्र द्वारा गुण्डरदेही जिला बालोद में दिनांक 01.05.2017 आयोजित ’’पत्रकारिता चिन्तन के विविध आयाम विषयक परिचर्चा एवं काव्य पाठ’’ एवं ’’लोक असर सम्मान-2017 समारोह’’ में विषिष्ट अतिथि-सह-स्रोत व्यक्ति(युवा मानवशास्त्री एवं साहित्यकार) के रूप में सहभागिता।
ऽ अमर ज्योति रूरल डवलपमेंट सोसायटी मुण्डागाँव द्वारा आयोजित व ट्राईफेड ़द्वारा प्रायोजित’’महुआ संग्राहक आदिवासी हितग्राहियों को महुआ का मूल्य संवर्घन प्रषिक्षण’’में प्रषिक्षक-सह-स्रोत व्यक्ति( मानवशास्त्री) के रूप में दिनांक 10.04.2017 से दिनांक 28.04.2017 तक 14 दिन सहभागिता।
ऽ शासकीय आई.टी.आई.जगदलपुर में 2017 में आयोजित ’विशेष व्याख्यान माला’ में आंमत्रित विशेष वक्ता के रूप में 21 नवम्बर 2017 में ’इम्पोर्टेन्स ऑफ ट्राईबल नॉलेज सिस्टम इन एजुकेशन’ विषयक व्याख्यान।
ऽ छत्तीसगढ़ आदिमजाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा 10 से 11 दिसम्बर को रायपुर में आयोजित ’’छत्तीसगढ़ आदिवासी महोत्सव 2017’’ के ’’ आदिवासी साहित्य महोत्सव’’ के तृतीय तकनीकी सत्र में रिपोर्टियर के रूप में सहभागिता।
ऽ बकावंड विकासखंड के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियां का विधिक प्रषिक्षण ”पेसा एक्ट” व ”आदिवासियों के भूमि संबंधी कानून” विषयक प्रषिक्षण प्रदान किया।(27.12.2016)
ऽ बास्तानार विकासखंड के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियां का विधिक प्रषिक्षण ”पेसा एक्ट” व ”आदिवासियों के भूमि संबंधी कानून” विषयक प्रषिक्षण प्रदान किया।(28.012.2016)
ऽ षासकीय महेन्द्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा में ’गूंज’/पृथ्वी, जल,वायु, अवकाश व अग्नि -पंचतत्व को प्रमाण विषय पर आयोजित वार्षिक उत्सव दिनॉक 11.01.2018 को विषिष्ट अतिथि सह स्त्रोत व्यक्ति (युवा मानवशास्त्री) के रूप में सहभागिता।
ऽ माता रूक्मिणी सेवा संस्थान, डिमरापाल, जगदलपुर में कक्षा 9वीं से 12 वीं तक के लगभग 200 छात्राओं को दिनांक 28.01.2018 को ’अध्ययन के व्यवाहारिक तारीके व व्यक्तिव विकास’ विषय पर विशिष्ट आमंत्रित वक्ता के रूप में व्याख्यान।
ऽ मानवविज्ञान विभाग, गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर द्वारा आयोजित ’विशेष व्याख्यान माला’ में आमंत्रित विशेष वक्ता के रूप में 19 सितम्बर 2018 को’’हल्बी भाषा : बस्तर (छत्तीसगढ़)का सांस्कृतिक विरासत ’’ विषयक बीज व्याख्यान।
ऽ भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, उप-क्षेत्रीय केन्द्र, धरमपुरा, जगदलपुर द्वारा आयोजित ’विशेष व्याख्यान माला’ में आंमत्रित विशेष वक्ता के रूप में 15 नवम्बर 2018 को ‘‘बस्तर में आदिवासी विकास’’ विषयक आमंत्रित व्याख्यान।
ऽ बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर इकाई एवं हायरसेकेन्डरी स्कूल तितिरगाँव इकाई द्वारा 19.11.18 से 25.11.18 तक आयोजित एन एस एस षिवीर के ’बौद्धिक व्याख्यान माला’ में आमंत्रित विशेष वक्ता के रूप में 25 नवम्बर 2018 को ‘ बस्तर के विद्यार्थियों में एन.एस.एस. की महत्ता : व्यक्तिव विकास के परिप्रेक्ष्य में ’ विषयक आमंत्रित व्याख्यान।
ऽ हायरसेकेन्डरी स्कूल तितिरगाँव इकाई द्वारा 27.12.18 से 03.01.19 तक आयोजित एन एस एस षिविर के ’बौद्धिक व्याख्यान माला’ में आमंत्रित विशेष वक्ता के रूप में 01जनवरी 2019 कों ‘स्वजागरूकता से व्यक्तिव विकास ’ विषयक आमंत्रित व्याख्यान।
ऽ शासकीय दंतेश्वरी महिला महाविद्यालय जगदलपुर इकाई द्वारा 10.02.19 से 16.01.19 तक आयोजित एन एस एस षिविर के ’बौद्धिक व्याख्यान माला’ में आंमत्रित विशेष वक्ता के रूप में 14जनवरी 2019 कों ‘स्वच्छताजागरूकता अभियान से विद्यार्थियों में व्यक्तिव विकास ’ विषयक आमंत्रित व्याख्यान।
ऽ सामाजिकविज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान,इलाहाबाद द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’ संबोध’’(बस्तर विषेषांक) वर्ष -5,अंक-9,जनवरी-जून 2019 के अतिथिसम्पादक के रुप में दिनांक 30 जुलाई 2019 को जगदलपुर में ‘‘बस्तर की जनजातीय संस्कृति’’ विषयक परिचर्चा का आयोजन।
ऽ भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, उप-क्षेत्रीय केन्द्र- धरमपुरा, जगदलपुर द्वारा आयोजित ’स्वदेषी लोकभाषा” विषय में ’विश्व आदिवासी दिवस 2019 के अवसर में,आमंत्रित अतिथि वक्ता के रूप में 09 अगस्त 2019 को ‘विश्व आदिवासी दिवस व स्वदेषी लोकभाषा हल्बी की प्रासंगिकता ’ विषयक आमंत्रित व्याख्यान।
ऽ म्ांजरी साहित्य सृजन समिति चारामा ,जिला कांकेर(छ.ग.) द्वारा दिनांक 6.10.2020 को ’अंतर्राष्ट्रीय षिक्षक दिवस’ के अवसर में आयोजित‘षैक्षिक विचार गोष्ठी सह काव्यपाठ ’ विषयक परिचर्चा एवं काव्यपाठ में मुख्यअतिथि।
ऽ ष्ैवबपमजल वित मउचवूमतउमदजष् क्मसीप द्वारा दिनांक 10.01.2021को आयोजि ष्ूमइपदंत वद थ्ंतउमते पद ज्तपइंस प्दकपंष् ने अांमत्रित वक्ता के रूप में ’’बस्तर (छत्तीसगढ) के जनजातिय समाज में कृषि संस्कृति- मानववैज्ञानिक दृष्टिकोण’’ विषय पर वक्तव्य दिया।
ऽ प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में सहभागिताः-
1 राष्ट्रीय कार्यशाला- ’’कन्जरवेशन एण्ड प्रीजर्वेशन ऑफ एन्सीएन्ट मोनूमेन्ट एण्ड आर्ट आर्कीटेक्चर ऑफ छत्तीसगढ़’’ 17 मार्च 2004 आयोजक-महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर (छ.ग.)
2 कार्यशाला सह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम ’’ संग्रहालय एवं विरासत प्रबंधन में कार्यरत अधिकारियों का प्रशिक्षण ’’23-28 अगस्त 2004, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल एवं कला, संरक्षण एवं संग्रहालय का इतिहास का संस्था दिल्ली द्वारा आयोजित।
3 कार्यशाला सह संगोष्ठी-’’आदिवासियों में स्वास्थ्य एवं कुपोषण की समास्याएँ कारण एवं निदान’’3-5 फरवरी 2010 आयोजक टी.आर.आई.,रायपुर।।
4 राष्ट्रीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण ’’छत्तीसगढ़ की आदिम जनजाति समूह (पी.टी.जी) की स्थिति एवं विकास तथा विकास हेतु रणनीति’’ 3-5 फरवरी 2008 आयोजक टी.आर.आई, रायपुर।
5 ’’जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों का कार्यशाला सह प्रशिक्षण’’ 5-5 जनवरी 2009 आयोजक’ टी.आर.आई.,रायपुर।
6 क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम – जीओ इनफार्मेटिक्स एण्ड आई.सी.टी.एप्लीकेशन फार इंटीग्रेटेड प्लानिंग एण्ड मेनेजमेंट ऑफ रूरल डवलपमेंट एट वाटरसेड लेबल’’ 26 से 31 अक्टूबर 2009 आयोजक छ.ग. राज्य ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा एवं राष्ट्रीय ग्रा.वि.स.,हैदराबाद।
7 राष्ट्रीय कार्यशाला सह सेमीनार ’’ छत्तीसगढ़ का जनजातिय सांस्कृकि महोत्सव’’ आदिपरब’’ 19’21 फरवरी 2010 आयोजक टी.आर.आई,रायपुर।
8 क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम- जीओ इनफॉर्मेटिक्स एण्ड आई.सी.टी.एप्लीकेशन फॉर इंटीग्रेटड प्लानिंग एण्ड मेनेजमेंट ऑफ रूलर डवलपमेंट प्रोग्राम एट वाटरसेड लेबल’’ 25-29 अक्टूबर 2010 आयोजक छ.ग. राज्य ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा एवं राष्ट्रीय ग्रा.वि.स.हैदराबाद।
9 प्रशिक्षण कार्यक्रम – ’’राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकारी’’ मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य संसाधन केन्द्र(प्रौढ़ एवं सतत् शिक्षा) एवं राज्य शिक्षा मिशन।
10 प्रशिक्षण कार्यक्रम – ’’साक्षर भारत कार्यक्रम का ’प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण’ राज्य संसाधन केन्द्र (प्रौढ़ एवं सतत् शिक्षा) द्वारा गॉसमेमोरियल हॉल रायपुर में दिनॉक 9-11 फरवरी 2011 तक आयोजित।
11 कार्यशाला- ’’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’’ के जिला स्तरीय क्रियान्वयन नियोजन (डी.पी.आई.पी.) आयोजक जिला पंचायत, जगदलपुर।
12 क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला ’’जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों का कार्यशाला सह प्रशिक्षण ’’ दिनांक 14 दिसम्बर 2011 आयोजक टी.आर.आई.,रायपुर।
13 प्रशिक्षण ’’पाँचवी अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातियों में स्वास्थ्य शिक्षा’’-आदिवासी उपयोजना के अन्तर्गत आयोजक -टी.आर.आई. रायपुर एवं एड्स नियंत्रण सोसायटी रायपुर।
14 क्षेत्रीय प्रशिक्षण – ’’ शिक्षा का अधिकार ’’ दिनांक 11 फरवरी 2012, आयोजक- बी.डी.के.एस.जगदलपुर एवं एम.एस.फाउंडेशन, रायपुर।
15 क्षेत्रीय अभ्यास वर्ग’’भारतीय शिक्षण मण्डल’मध्यप्रांत, भोपाल में 24 से 26 जुलाई 2014 तक तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजक-भा.शि.म. मध्यप्रांत, भोपाल।
16 शिखर सम्मेलन- ’ग्लोबल ट्राइबल इंटरप्रेन्युरशिप सम्मिट, दंतेवाड़ा’ में ’’फारेस्ट इकानामी फॉर ट्राइबल इंटरप्रेन्युरसीप 14 नवम्बर 2017 आयोजक जिला प्रशासन-दंतेवाड़ा(छ.ग.)शासन।
17 ’’छ.ग. राज्य हिन्दी गं्रथ अकदमी एवं वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला 20-21 जनवरी 2018 ’’शैक्षणिक पुस्तक लेखन में तकनीकी शब्दावली का महत्व’’।
18 छ.ग. माटीकलाबोर्ड के साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम-सह-प्रदर्शनी 11 मार्च 2018 में सहभागिता।

प्रकाशित पुस्तकों की सूचीः-
1 ’’भारतीय जाति व्यवस्था शास्त्रीय एवं आधुनिक’’ लेखक- सुरेन्द्र परिहार, अशोक प्रधान एवं रूपेन्द्र कवि, प्रकाशक- छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी रायपुर- प्रकाशन वर्ष 2008।
2 ‘’टेंडका आऊरी मेंडका’’(ंभतरी कहानी/बाल साहित्य) लेखक-डॉ.रूपेन्द्र कवि,प्रकाशक राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एन.बी.टी.) दिल्ली ,प्रकाशन वर्ष 2015।( हल्बी ,गोण्डी, हिन्दी व गुजराती भाषा में भी अनुदित संस्करण आये हैं।)
3 ’बस्तर में आदिवासी विकास’ लेखक-डॉ.रूपेन्द्र कवि,प्रकाशक- बी.आर.पब्लीकेषन दिल्ली ,प्रकाशन वर्ष 2019।
4 ’भतरा जनजाती का फोटो हैण्डबुक’1. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि 2.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, प्रकाशक- आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान,रायपुर,प्रकाशन वर्ष 2021।
5 ’परजा जनजाती का फोटो हैण्डबुक’1. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि 2.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, प्रकाशक-आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान,रायपुर,प्रकाशन वर्ष 2021।
6 ’परधान जनजाती का फोटो हैण्डबुक’1. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि 2.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, प्रकाशक-आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान,रायपुर,प्रकाशन वर्ष 2021।
7 ’दांडामी माड़िया जनजाती का फोटो हैण्डबुक’1.अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.राजेन्द्र सिंह 2. निर्देशन-डॉ.रूपेन्द्र कवि 3. मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, प्रकाशक-आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान,रायपुर,प्रकाशन वर्ष 2021।
8 ’गडबा जनजाती का फोटो हैण्डबुक’1.अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.राजेन्द्र सिंह 2. निर्देशन-डॉ.रूपेन्द्र कवि 3. मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, प्रकाशक-आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान,रायपुर,प्रकाशन वर्ष 2021।

अनुदित पुस्तकों की सूचीः-
1 नेशनल बुकट्रस्ट ऑफ इंडिया की बालसाहित्य ’नेवला भी राज’ (हिन्दी)से ’नेवरा बले राजा आय’ (भतरी) में अनुदित व एन.बी.टी.दिल्ली से प्रकाशित। प्रकाशन वर्ष 2014-15।
2 नेशनल बुकट्रस्ट ऑफ इंडिया की बालसाहित्य ’छोटा सा मोटा सा लोटा ’(हिन्दी) से ’सुरू माहा ठोसोर माहा कसेला’(भतरी) में अनुदित व एन.बी.टी.दिल्ली से प्रकाशित। प्रकाशन वर्ष 2014-15।

प्रकाशनाधीन पुस्तकों की सूचीः-
1. ’आधारभूत मानव विज्ञान’।
2. ’मैं बस्तर का तराना हूँ’।
प्रकाशित शोध पत्रों की सूचीः-
1 ’’हल्बा जनजाति का सामाजिक परिदृश्य’’-रूपेन्द्र कवि, राजेन्द्र सिंह एवं डॉ.मंजुला गुहा। ’’छत्तीसगढ़ परिक्रमा’’ रायपुर मार्च 2003, 3 (

1) 20-21
2 ’’कँवर जनजाति में सामाजिक- आर्थिक परिवर्तन’’ रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.मंजुला गुहा ’वन्यजाति’ दिल्ली, अप्रैल 2002, 50 (1) 32-35
3 ’’तुमान ग्राम का पांरपरिक बारउत्सव’’ रूपेन्द्र कवि एवं महेश्वर नाग ’छत्तीसगढ़ परिक्रमा’ रायपुर जुलाई 2002 (2)30
4 ’’छत्तीसगढ़ की भतरा जनजाति में अपराध संबंधी पारंपरिक कानून पर आधुनिक कानून का प्रभाव’’ रूपेन्द्र्र कवि राजेन्द्र सिंह एवं डॉ.अशोक प्रधान ’’ डॉ.के.के.अग्रवाल द्वारा सम्पादित प्रोसेडिंग’’ स्वातंत्र्योत्तर छत्तीसगढ़’’दुर्ग 2004, 1 (1) 25
5 ’’बस्तर की मुरिया जनजाति में गोदना- धार्मिक विश्वास एवं शृंगार’’ रूपेन्द्र कवि ’’ बुलेटिन’’ भोपाल जनवरी-जून 2006(46)1-5
6 ’’लॉईफ सायकल ऑफ दण्डामी माड़िया ट्राईब ऑफ बस्तर (छत्तीसगढ़)’’(अंग्रेजी में ) रूपेन्द्र कवि ’’मेन एण्ड लाईफ 2008 भाग -34(1-2)6 9-74
7 ’’चापड़ा का जैव सांस्कृति महत्व – बस्तर की जनजातीयों पर एक अध्ययन’’ डॉ. रूपेन्द्र कवि, अशोक प्रधान एवं राजेन्द्र सिंह ’’ वन्य जाति’’ दिल्ली जुलाई 2009,57(3)55-57
8 ’’पॉवरटी एल्लेवीएशन एण्ड सस्टैनेबल लाईवलीहुड एमंग भतरास ऑफ बस्तर’’ (अंग्रेजी में)रूपेन्द्र कवि ’’ मेन एण्ड लॉईफ-2010 भाग 36(1-2)83 -92
9 ’’बस्तर के दण्डामी माड़िया जनजाति में शिक्षा संबंधी समस्याए एवं सामधान- एक क्षेत्र अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह ’’वन्यजाति’’ दिल्ली जुलाई 2010 58(3)33-38
10 ’’हल्बा जनजाति की हल्बी बोली- एक मानवशास्त्रीय भाषा वैज्ञानिक अध्ययन’’-डॉ. रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेश सेठिया, ’वन्यजाति’ दिल्ली अप्रैल 2011 59(2)50-53
11 ’’ द स्टेटस ऑफ वुमन एडुकेशन इन द छत्तीसगढ़ स्टेट’’ (अंग्रेजी में) डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.बीना कपूर’’जर्नल ऑफ जेण्डर इक्वीटी एण्ड सेन्सेटीवीब्ी, भोपाल (म.प्र.) 2010-2011 भाग 05(53-59)
12 ’’गोदना इन बस्तर्स मुरिया ट्राईब रिलीजियस बिलीफ एण्ड एडार्न’’ (अंग्रेजी में) रूपेन्द्र कवि ’’ मेन एण्ड लॉईफ’’ 2011 भाग 37 (1-2) 127-130
13 ’’बस्तर के जनजातीयों में स्वास्थ्य व्यवहार- एक मानववैज्ञानिक अध्ययन-डॉ.रूपेन्द्र कवि अशोक प्रधान एवं डॉ.राजेन्द्रसिह’’ रीसर्च जर्नल आफ हयुमेनीटीस एण्ड सोसल सांईस’’ रायपुर जनवरीमार्च 2011 भाग 02 (1) 67-72
14 ’’बस्तर जिले को भतरा जनजाति में शिक्षा संबंधी समस्याए एवं सुझाव’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि ’बुलेटिन’ भोपाल अप्रैल 2009 से मार्च 2010,50,28-34
15 ’’मुस्लिम जाति व्यवस्था, सामाजिक गतिशीलता और मुस्लिम पिछड़ापन’’ डॅा रूपेन्द्र कवि ’ए जर्नल ऑफ एशिया फार डेमोक्रेसी एण्ड डेवलपमेंट 2011 भाग 11(3)57-64
16 ’’ग्लोबलाइजेशन एण्ड रोल आफ एन्थ्रोपोलोजी’’(अंग्रेजी) सुरेन्द्र परिहार एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि ’’ मेन एण्ड लाईफ’’ 2011 भाग 38(1-2)143-152
17 ’’द ट्रेडीशनल एग्रीकल्चर सीस्टम ऑफ धुरवा ट्राईब ऑफ छत्तीसगढ़’’-राजेन्द्र सिंह एण्ड रूपेन्द्र कवि-बंसत कुमार मोहन्ता एवं वीपीन कुमार सिंह द्वारा सम्पादित पुस्तक ’’ट्रेडीशनल सीस्टम एण्ड टेक्नालॉजी इन इंडिया’’ 265-269
18 ’’छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला में संचालित एकीकृत आदिवासी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आर्थिक विकास कार्यक्रमों का मूल्यांकन’’ डॉ रूपेन्द्र कवि ’’बुलेटिन’’ – भोपाल अप्रैल 2011 से मार्च 2012,52ः1-15
19 ’’वैश्वीकरण एवं मानवशास्त्री की भूमिका’’ रूपेन्द्र कवि एवं सुरेन्द्र परिहार ’’मानव’’लखनऊ 2012 भाग 30(1व2) 69-78
20 ’’ धुरवा जनजाति में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत् विकास का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र िंसह, ’वन्यजाति’ नई दिल्ली अप्रैल,2013,61(2)33-36
21 ’’भतरा जनजाति में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवहार का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एंव डॉ. सुकृता तिर्की,’’ बुलेटीन भोपाल, अप्रैल 2012 -मार्च 2013,53ः47-54
22 ’’बस्तर जिला के जनजातीय समाज एवं उनके धार्मिक विश्वास का अययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.(श्रीमती) किरण नुरूटी,’’ वन्यजाति’’ नई दिल्ली, जुलाई 2013,6(3)40-45
23 ’’छत्तीसगढ़ के भतरा जनजाति के जीवन संस्कारो का मानव वैज्ञानिक अध्ययन ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.सुकृता तिर्की ’’ पंचतत्व’’ अम्बिकापुर, जनवरी से जून एवं जुलाई-दिसम्बर 2013,2ः13-18
24 ’’सस्ट नेबल डवलपमेंट एन एल्टरनेटीव विजॅन’’(अंग्रेजी में) डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं सुरेन्द्र परिहार ’’ वन्यजाति नई दिल्ली अक्टूबर 2013, 61(4)14-17
25 ’’युवा मानवशास्त्रीयों की दृष्टि में लाला जगदलपुरी’’-डॉ.रूपेन्द्र कवि, हरीहर वैष्णव संपादित’’साहित्य ऋषि लाला जगदलपुरीःलाला जगदलपुरी समग्र ’’यश पल्बीकेशन नई दिल्ली 2014,पृष्ठ क्र.210-212।
26 ’’छत्तीसगढ़ का लोकपर्व ’दियारी’ एवं अर्न्तनिहित तत्व’’ -डॉ.रूपेन्द्र कवि, ’मुकआवाज हिन्दी जर्नल (ई-जर्नल)’’ भाग-7, अक्टूबर से दिसंबर 2014ः629-631.
27 ’’बस्तर का लोकपर्व’ कोड़ता पंडूम’’ -डॉ.रूपेन्द्र कवि, ’जनकृति’ अन्तराष्ट्रीय ई-जर्नल’’ भाग-3,मई 2015.
28 ’’पर्सपेक्टीव एण्ड प्रोबलम ऑफ एजुकेशन एमॅंग दण्डामी माड़िया ट्राईब ऑफ बस्तर – ए फील्ड स्टडी’’-डॉ.रूपेन्द्र कवि, बसंत मोहंता एवं ब्योमकेश त्रीपाठी संपादीत पुस्तक ’’रीसर्चेस इन द ट्राइब्स ऑफ सेंट्रल इंडिया’’ 2015.
29 ’’जनजातीय क्षेत्र-बस्तर जिला में मानव संसाधन विकास की चुनौतियॉः एक मानवशास्त्रीय चिंतन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.अशोक प्रधान, ’जनकृति’ अन्तराष्ट्रीय ई-जर्नल’’ वर्ष 01,अंक-08,अक्टूबर 2015.
30 ’’छत्तीसगढ़ में जनजातियों की शैक्षणिक स्थिति’’- धीरेन्द्र सिंह एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि ’’सम्बोध’’ वर्ष -1, अंक -2, जुलाई- सितम्बर 2015, पुष्ट 5 – 2015
31 ’’बस्तर जिला के अनुसूचित जनजातीयों के आर्थिक स्थिति का अध्ययन’’-डॉ.रूपेन्द्र कवि,’’जर्नल ऑफ रूरल डवलपमेंट रीवीव’’अप्रैल-जून 2017,भाग-01 (01)ः11-20.
32 ’’बस्तर जिला के जनजातीय समाज एवं उनके धार्मिक विश्वास’’, डॉ.रूपेन्द्र कवि ’जनकृति’ अन्तर्राष्ट्रीय ई-जर्नल’’ वर्ष 03, अंक-32, दिसंबर 2017.
33 ’छत्तीसगढ़ में जनजातीय शिक्षा’’ः सरकारी प्रयासों का अवलोकन)- धीरेन्द्र सिंह एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि ’जनकृति’ अन्तर्राष्ट्रीय ई-जर्नल’’ वर्ष 03, अंक-34.35, फरवरी-मार्च 2018 पृ.क्र. 448 से 502
34 जनजातीय शिक्षाः स्थिति, समस्याएँ एवं सुझाव(बस्तर जिलाः छ.ग.के विशेष सदर्भ में) डॉ.रूपेन्द्र कवि, डॉ.राजेन्द्र सिंह। ’’जनजातीय विकास विविध पक्ष’’(डॉ.राकेश सिंह, डॉ.उदय सिंह राजपूत एवं डॉ.जैन कुमार बहेरा संपादित) स्वराज प्रकाशन नई दिल्ली 2018 पृ क्र 30-38
35 ’’महात्मा गांधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम सुकर पालन से होने वाले आर्थिक लाभ का अध्ययन।(ग्राम पंचायत-किरगोली, जनपद पंचायत-कांकेर, जिला- कांकेर के विषेष संन्दर्भ में)’’01.डॉ रूपेन्द्र कवि02 .ऋषि कुमार जैन ’’सम्बोध’’ वर्ष -4, अंक -7, जनवरी – जून 2018,पृ 26-45 – 2018
36 ’’ इम्पावरमेंट ऑफ ट्राइब्ल वुमेन : अन एन्थ्रेपोलोजीकल पर्स पेक्टीव ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि’ ’’द रीसर्चर- इंटरनेषनल रीसर्च जर्नल ’’ नई दिल्ली वर्ष 04, अंक-03,दिसम्बर 2018.
37 ’’ट्राइब्ल डवलपमेट एण्ड गवर्नेसः ए केश स्टडी ऑफ बस्तर (इंडिया) ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि’ जर्नल-एन्थ्रेपस इंडीया ’’ नई दिल्ली वर्ष 05, अंक-01, जनवरी-जून 2019.
38 ’’ बस्तर के भतरा जनजाति के विवाह संस्कार का मानववैज्ञानिक अध्ययन’’डॉ रूपेन्द्र कवि’’सम्बोध’’(बस्तर विषेषांक) वर्ष -5, अंक -9, जनवरी – जून 2019,पृ 01-06 – 2019
39 ’’ इम्पेक्ट ऑफ षार्ट टर्म पेरेन्टल माइग्रेषन आन चीलड्रन : ए केश स्टडी एमंग द ट्राइब्ल कम्युनीटी ऑफ बस्तर , छत्तीसगढ़ ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र िंसह,’’द रीसर्चर- इंटरनेषनल रीसर्च जर्नल ’’ नई दिल्ली वर्ष 05, अंक-05, जून 2019.
40 ’’ परजा जनजाति के पारंपरिक जाति पंचायत में आधुनिक पंचायत व्यवस्था का प्रभाव का अध्ययन ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि। ( डॉ. विजय बघेल एवं सोएब अंसारी संपादित ’’जनजातीय विमर्ष’’) अनाक्षर प्रकाषन , शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यलाय,जगदलपुर (छ.ग.) 2020 .पृ 76-95।
41 ’‘बस्तर(छत्तीसगढ़) का लोकपर्व – छेरका या छेरछेरा ’‘डॉ.रूपेन्द्र कवि ,नेशनल बुकट्रस्ट ऑफ इंडिया/एन.बी.टी.दिल्ली से प्रकाशित ’’पुस्तक संस्कृति ’’नई दिल्ली वर्ष 05, अंक-03, मई-जून 2020.

प्रकाशित शोधसार की सूचीः-
1 ’’गोदनाः छत्तीसगढ़ के कँवर जनजाति में अलंकरण एवं धार्मिक विश्वास का प्रतीक’’।
2 ’’प्रथागत विधियों का संहिताकरण द्वारा जनजातीयों का विकास’’।
3 ’’बस्तर जिले की भतरा जनजाति में शिक्षा संबंधी समतस्याएँएवं सुझाव’’।
4 ’’बस्तर जिला के अनुसूचित जनजातियों की आर्थिक स्थिति का अध्ययन’’।
5 ’’बस्तर की मुरिया जनजाति सामाजिक सांस्कृति परिवर्तन के प्रतिमान’’।
6 ’’छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संचालित एकीकृत आदिवासी परियोजना के अंतर्गत आर्थिक विकास परियोजना का मूल्यांकन’’ ।
7 ’’पब्लिक हेल्थ इनवार मेंटल कजर्वेशन एण्ड सस्टेनेबल डवलमेंमट’’ (अंग्रेजी में) ।
8 ’’पॉवरटी एल्लेवीएशन एण्ड सस्टेनेबल लीवलीहूड एमंग भतरास ऑफ बस्तर’’(अंग्रेजी में) ।
9 ’’बस्तर के जनजातीयों में स्वास्थ्य व्यवहार एक मानववैज्ञानिक अध्ययन’’ ।
10 ’’बस्तर के आदिवासियों के विकास का मूल्याकनत्क अध्ययन’’ ।
11 ’’बस्तर के छत्तीसगढ़ के जनजातीयों के विकास में मिडिया की भूमिका -कल आज और कल’’ ।
12 ’’भतरा जनजाति में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवहार का अध्ययन’’।
13 ’’इम्पेक्ट ऑफ मॉडर्निटी ऑन पोलीटीकल आर्गेनाइजेश आफ दंडामी माड़िया ट्राईब ऑफ बस्तर(छत्तीसगढ़)(अंग्रेजी में)
14 ’’इम्पेक्ट ऑफ सलवा जुडूम मूवमेंट आन ट्राईब ऑफ बस्तर छत्तीसगढ़’’ ।
15 ’’बस्तर जिला के जनजातीय सामाज एवं उनके धार्मिक विश्वास का अध्ययन।
16 ’’जनजातीय चिकित्सा पद्धति विश्वास एवं परिवर्तन’’ ।
17 ’’दण्डामी माडिया जनजाति में सामाजिक आर्थिक विका सह संस्कृतिकरण’’ ।
18 ’’जनजातीय महिलाओं में संस्कृतीकरण’’ ।
19 ’’ट्राइब्ल डवलपमेट एण्ड गवर्नेसः ए केश स्टडी ऑफ बस्तर (इंडिया)’’।
20 ’’इन्पेक्ट ऑफ सार्ट-टर्म पेरेन्टल माईग्रेशन ऑन चिलड्रन-ए केस स्टडी एमंग द ट्राईबल क्म्युनिटि ऑफ बस्तर,छत्तीसगढ़’’ (अंग्रेजी में)
21 ’’अफेक्अ ऑफ माईग्रेशन ऑन ट्राईबल चिल्ड्रन ऑफ साउथ छत्तीसगढ़ स्टेट’’ (अंग्रेजी में)।
22 ’’छत्तीसगढ़ में जनजातियों की शैक्षणिक स्थिति’’।
23 ’’जनजातीय क्षेत्र-बस्तर जिला में मानव संसाधन विकास की चुनौतियॉः एक मानवशास्त्रीय चिंतन’’।
24 ’’बस्तर जिला के परजा जनजाति की शैक्षणिक स्थिति’’।
25 ’’हल्बी लेन्गुएज आफ बस्तर रीजनःकल्चरल एन्ड लींगुइस्टीक आइडेन्टीटी “।
26 ’’धुरवा जनजाति का विकासात्मक अध्ययन’’।
27 ’’वुमेन लेबर इनदट्राइब्ल इकानामी ऑफ ट्राइब्ल बस्तर(छत्तीसगढ़)’’(अंग्रेजी में)।
28 ’’बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए संवैधानिक अधिकार के स्थितिका विष्लेषणात्मक अध्ययन’।
29 ’’छत्तीसगढ़ (बस्तर) के गदबा जनजाति में शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन’’।
30 ’’एजुकेषनल डवलपमेंट ऑफ परजा ट्राइब ऑफ बस्तर :ए फील्ड स्टडी ’’(अंग्रेजी में)।
प्रस्तुत शोध पत्रों की सूचीः-

1ण् ’’छत्तीसगढ़ भतरा जनजाति में अपराध संबंधी पारिवारिक कानून पर आधुनिक कानून का प्रभाव ’’रूपेन्द्र कुमार कवि, डॉ.अशोक प्रधान एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह ’’ स्वातंत्रयोत्त छत्तीसगढ़ विषय पर 27 28 मार्च 2004 को विश्वनाथ तामस्कर स्वायशासी महाविद्यालय दुर्ग छ.ग. द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
2ण् ’’गोदना’’ छत्तीसगढ़ के कंवर जनजाति में अलंकरण एवं धार्मिक विश्वास का प्रतीक ’’रूपेन्द्र कुमार कवि डॉ.श्रीमती मंजूला गुहा एवं डॉ.अशोक प्रधान ’’करेंट ट्रेंड इन इथनोग्राफी एण्ड इथनोलॉजीकल रीसर्च आन ट्रईब्स ऑफ छत्तीसगढ़ एण्ड नेबरींग स्टेट’’ मानवविज्ञान अध्ययन शाला पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर एवं इंदिरागांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल के द्वारा 25-27 फरवरी 2004 को आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
3ण् ’’बस्तर की भतरा जनजाति का जीवनचक्र’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि डॉ.टी.के वैष्णव एवं प्रो.(श्रीमती) मंजूला गुहा ’’करेंट इन इथनोग्राफी आफ बस्तर म्युजियम एण्ड टूरिज्म’’ विषय पर 05 अपै्रल 2005 को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान – उपक्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित संगोष्ठी।
4ण् ’’बस्तर जिला की भतरा जनजाति के लोक गीतों का सामाजिक-सांस्कृतिक विश्लेषण’’-डॉ रूपेन्द्र कुमार कवि 28-29 सितम्बर 2006 को ’’बस्तर की लोक कला एवं लोक कथाएँ’’ विषय पर मानवविज्ञान संर्वेक्षण संस्थान – उपक्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित संगोष्ठी में।
5ण् ’’बस्तर जिले की भतरा जनजाति में शिक्षा संबंधी समस्याएँ एवं सुझाव’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 12-14 अक्टूबर 2006 को ’’ संसाधन विकास नियोजन : रणनीतियाँ एवं परिणाम’’ विषय पर शासकीय बी.सी.एस. स्नात्कोत्तर महाविद्यालय, धमतरी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
6ण् ’’बस्तर जिले की अनुसूचित जनजातियों की आर्थिक स्थिति का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि डॉ.अशोक प्रधान एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह 18-20 नवम्बर 2006, को छत्तीसगढ़ अर्थशास्त्र संघ द्वारा आयोजित द्वितीय अधिवेशन, आयोजक अर्थशास्त्र विभाग पं.रवि शंकर विश्वविद्यालय,रायपुर में।
7ण् ’’बस्तर की मुरिया जनजाति सामाजिक सांस्कृतिक परिवर्तन के प्रतिमान ’’रूपेन्द्र कुमार कवि, प्रो.श्रीमती मंजुला गुहा एवं डॉ.टी.के.वैष्णव, 28-30 नवम्बर 2006 को ’’ ट्राईबल इनक क्राइसिस बायो कलचरल पर्सपेक्टीव’’ विषय पर मानवविज्ञान अध्ययन शाला पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
8ण् ’’छत्तीसगढ़ के जनजातियों का प्रमुख त्यौहार नुआखानी’’ डॉ.रूपेन्द्रकवि 28 फरवरी 2007 को’’ बस्तर के तीज त्यौहार’’ विषय पर समाजशास्त्र विभाग शासकीय महाविद्यालय कोण्डागाँव द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी में।
9ण् ’’छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संचालित एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत आर्थिक विकास योजनाओं का मूल्यांकन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि, डॉ. अशोक प्रधान एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह, 11-12 अक्टूबर 2007 को’’ट्राईबल सिचुएशन इन मिडिल इंडिया डेवलपमेंट एण्ड विजन ’’विषय पर मानवविज्ञान विभाग, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
10ण् ’’मटेरीयल कल्चर ऑफ छत्तीसगढ़्स धुरवा ट्राईब’’ (अंग्रेजी) डॉ.रूपेन्द्र कुमार कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह, 01-14 सितम्बर 2007 को आर्ट एण्ड आर्किटेक्चर ऑफ छत्तीसगढ़’’ विषय पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग रायपुर द्वारा आयोजित अधिवेशन व राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
11ण् ’’पब्लिक हेल्थ एनवायरमेंटल कंजर्वेशन एण्ड सस्टेनेबल डेवलपमेण्ट ’’(अंग्रेजी में) सुरेन्द्र परिहार एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि 26-28 फरवरी 2008 को मानवविज्ञान विभाग राँची में आयोजित’’ हयूमन राईट्स इन द एरा ऑफ ग्लाबलाईजेशन, विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
12ण् ’’बस्तर के जनजातियों में स्वास्थ्य व्यवहारः एक मानववैज्ञानिक अध्ययन’’ डॉ.अशोक प्रधान एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह 4-5 मार्च 2009 को बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर द्वारा सोसियो इकोनोमिक डेवलपमेण्ट ऑफ एथिक पॉपुलेशन ’’विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
13ण् ’’छत्तीसगढ़ की गदबा जनजातीयस्त्रियों की स्थिति’’डॉ.रूपेन्द्र कवि, 9-11 फरवरी 2009 को टी.आर.आई रायपुर द्वारा ’’ छत्तीसगढ़ के महिलाओं की स्थिति’’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
14ण् ’’बस्तर के आदिवासियों के विकस का मूल्यांकनात्क अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 9-10 अप्रैल 2010 को पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा आयोजित 8वाँछत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक अधिवेशन में।
15ण् ’’बस्तर छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के विकास में मिडिया की भूमिका-कल आज और कल ’’डॉ.रूपेन्द्र कवि, डॉ0राजेन्द्र सिंह 24-25 अप्रैल 2010 को कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा’’ भारत की अनुसूचित जनजाति (कल आज और कल)’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
16ण् ’’बस्तर की जनजातियों का सामाजिक-आर्थिक विकास’’ रूपेन्द्र कवि 28 जुलाई 2011 को ’’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’’ का जिला में क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत जगदलपुर द्वारा आयोजित कार्यशाला में।
17ण् ’’स्टडी ऑफ हेल्थ एण्ड हायजीन एमंग भतरा ट्राईब्स’’ (अंग्रेजी में ) डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ सुकृता तिर्की 15-16 सितम्बर 2011 ’’ट्राईबल हेल्थ इन सेंट्रल इंडियाः इशुस एण्ड चेलेंजेस’’ विषयक मानवविज्ञान विभाग बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
18ण् ’’इम्पेक्ट ऑफ माडर्निटी ऑन पॉलीटीकल ऑर्गेनाईजेशन ऑफ दंडामी माड़िया ट्राईब ऑफ बस्तर छत्तीसगढ़ ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह 3-5 दिसम्बर 2011 को ’इसरा’ विदिशा (प.ब.)द्वारा एथीक आइडेण्टीटी एण्ड पालीटीकल मोबीलाईजेशनः इशुस एण्ड चेलेन्जेस विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
19ण् ’’बस्तर जिले के जनजातीय समाज एवं उनके धार्मिक विश्वास का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ किरण नुरूटी 9-10 दिसम्बर 2011 को पी.जी.कॉलेज कांकेर द्वारा आयोजित ’’अंधविश्वास चुनौतियाँऔर दुष्परिणाम’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
20ण् ’’जनजातीय शिक्षा स्थिति समस्याएँ एवं सुझाव (बस्तर जिला छ.ग. के विशेष संदर्भ में)’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि, डॉ.राजेन्द्र एवं डॉ.अशोक प्रधान 28 फरवरी-01 मार्च 2012 को इंदिरागांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ट्राईब्स आफ सेंट्रल इंडियाः इंस्टीट्यूसन डेवलपमेण्ट एण्ड चेंज’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
21ण् ’’धुरवा जनजाति में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र 26-28 मार्च 2012 को क्षेत्रीय अध्ययन शाला पं.रविशकंर विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा आयोजित-स्ट्रेटेजी फार रीजनल सस्टेनेबल एण्ड इनक्लूसीव ग्रोथ’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
22ण् ’’बस्तर में घोटुल संस्थान : एक अध्ययन ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 8-9 मई 2012 को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान उप क्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित’’ जनजातीय कला एवं संस्कृति (युवा गृह एवं मृतक स्तंभ)’’ विषयक राष्ट्रीय परिचर्चा में।
23ण् ’’बस्तर के जनजाति में मृतक स्तंभ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 8-9 मई 2012 को को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान उप क्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित’’ जनजातीय कला एवं संस्कृति (युवा गृह एवं मृतक स्तंभ)’’ विषयक राष्ट्रीय परिचर्चा में।
24ण् ’’इंटरवेंशन आन ट्रेडिशनल पॉलीटिक्ल सीस्टम ए केस स्टडी एमंग द भतरा ट्राईबल ऑफ बस्तर(छत्तीसगढ़)’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि, 15-16 मार्च 2013 को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान उपक्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित’’ इंटरवेंशन ऑन पॉलीटिक्ल सिस्टम ’’विषय राष्ट्रीय परिचर्चा में।
25ण् ’’गदबा जनजाति के पांरपरिक जाति पंचायत में आधुनिक पंचायत व्यवस्था का प्रभाव का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह 15-16 मार्च 2013 को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान उपक्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित’’ इंटरवेंशन ऑन पॉलीटिक्ल सिस्टम ’’विषय राष्ट्रीय परिचर्चा में।
26ण् ’’इम्पेक्ट ऑफ शार्ट-टर्म पेरेन्टल माइग्रेशन ऑन चिलड्रन-ए केस स्टडी एमंग द ट्राइबल कमुनीटी ऑफ बस्तर, छत्तीसगढ़’’ (अंग्रेजी में) डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह, प्न्।म्ै एवं जनजातीय शोध केन्द्र कोटपाड़- उड़ीसा।
27ण् ’’ट्राइबल डवलपमेण्ट एण्ड गवर्नेंस : ए केश स्टडी ऑफ बस्तर (इंडिया)’’ (अंग्रेजी में)डॉ.रूपेन्द्र कवि, 17 -19 जनवरी 2014 को मानवविज्ञान अध्ययन शाला पं.रविशंकर रायपुर एवं द इंडियन एंथ्रोपोलोजीकल सोसायटी कोलकता के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ’’एंथ्रोपोलोजी इन कंटेम्परेरी इंडिया, प्रोस्पेक्टस एण्ड चेलेन्जेस’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
28ण् ’’बस्तर का लोक पर्व-’’दियारी’’ ओर उसमें अंतर्निहित तत्व ’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि, 14-15 मार्च 2014 के दूध मोंगरा सांस्कृतिक समिति गंडई जिला राजनांदगाँव द्वारा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के तात्वाधान में आयोजित ’’छत्तीसगढ़ के लोकपर्व, पंरपरा और अंतर्निहित तत्व ’’विषयक संगोष्ठी में।
29ण् ’’छ.ग. के अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियाँ,उनका परम्परागत व्यवसाय और वर्तमान सामाजिक स्थिति’’डॉ.रूपेन्द्र कवि, 09 सितम्बर 2014,भा.द.सा.अ.गुरूर जिला बालोद छ.ग. द्वारा ’’ओ.बी.सी. चिंतन के विविध आयाम’’ विषयक राजस्तरीय शोध संगोष्ठी में।
30ण् ’’जनजातीय क्षेत्र-बस्तर जिला में मानव संसाधन विकास की चुनौतियाँः एक मानवशास्त्रीय चिंतन’’, डॉ.रूपेन्द्र कवि 16-17 जनवरी 2015 को अर्थशास्त्र एवं मनोविज्ञान विभाग शासकीय दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यलाय,दंतेवाड़ा (छ.ग.) में आयोजित ’’जनजातीय क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की चुनौतियाँ’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में ।
31ण् ’’छत्तीसगढ़ में जनजातियों की शैक्षणिक स्थिति’’धीरेन्द्र सिंह एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि 16-17 जनवरी 2015 को अर्थशास्त्र एवं मनोविज्ञान विभाग शासकीय दंतेश्वरी स्नातकोत्तर महाविद्यलाय,दंतेवाड़ा (छ.ग.) में आयोजित ’’जनजातीय क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की चुनौतियाँ’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में ।
32ण् ’’मानव विज्ञान की दृष्टि में हल्बा जनजाति’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 30-31 अक्टूबर 2015 को साहित्य अकादमी दिल्लीएवं बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर द्वारा आयोजित ’हल्बी भाषाः साहित्य और संस्कृति’ विषयक संगोष्ठी में ।
33ण् ’’हल्बी भाषा वर्तमान परिवेष में चुनौंती एवं संभावनायें’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि, 28-29 जून 2017 को भारतीय भाषा संस्थान मैसूर द्वारा जगदलपुर में आयोजित ’’जनभाषा- हल्बी का संवर्घन एवं संरक्षण’’ विषयक संगोष्ठी में ।
34ण् ’’बस्तर जिला के परजा जनजाति की शैक्षणिक स्थिति’’डॉ.रूपेन्द्र कवि, 10 से 11 दिसम्बर को रायपुर में आयोजित ’’छत्तीसगढ़ आदिवासी महोत्सव 2017’’ के ’’आदिवासी साहित्य महोत्सव’’विषयक संगोष्ठी में।
35ण् ’’ परजा जनजाति के पारंपरिक जाति पंचायत में आधुनिक पंचायत व्यवस्था का प्रभाव का अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि 28-29 मार्च 2018 को इतिहास विभाग शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,जगदलपुर (छ.ग.) में आयोजित ’’ जनजातीय समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत ’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में ।
36ण् ’’धुरवा जनजाति का विकासात्मक अध्ययन’’ डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह 18-19 मार्च 2019 को मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान उपक्षेत्रीय केन्द्र जगदलपुर द्वारा आयोजित’’ अनुसूचित जनजाति, विमुक्त, घुमक्कड एवं अर्ध घुमक्कड समुदायरू चुनौतियॉं एवं भविष्य ’’विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
37ण् ’’वुमेन लेबर इनदट्राइब्ल इकानामी ऑफ ट्राइबल बस्तर( छत्तीसगढ़)’’(अंग्रेजी में) डॉ.रूपेन्द्र कवि ् 08-10 अप्रेल 2019, को अर्थशास्त्र विभाग पं.रविशंकर षुक्ल विश्वविद्यालय,रायपुर द्वारा आयोजित ’’बेसीक इनकमः रीथींकींग द वेलफेयर स्टेट इन द 21 सेन्चुरी ’’विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
38ण् ’’छत्तीसगढ़ (बस्तर) के गदबा जनजाति में शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन’’डॉ.रूपेन्द्र कवि, महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय रायपुर व आदिमजाति विकास परिषद छत्तीसगढद्वारा दिनॉक 22सितम्बर 2019 को आयोजित ’’ षिक्षा कल, आज और कल’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।
39ण् ’’एजुकेषनल डवलपमेंट इन ष्ेडयुल्ड कास्ट इन इंडिया’’(अंग्रेजी में)डॉ.रूपेन्द्र कवि, महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय रायपुर व आदिमजाति विकास परिषद छत्तीसगढद्वारा दिनांक 22सितम्बर 2019 को आयोजित ’’षिक्षा कल, आज और कल’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में।

प्रकाशनार्थ प्रेषित शोध पत्रों की सूचिः-
1ण् ’’बस्तर में घोटुल संस्थाः एक अध्ययन’’डॉ. रूपेन्द्र कवि।
2ण् ’’सोसियो-कल्चरल एनालायसिस ऑफ द फोक सांग ऑफ भतरा ट्राईब ऑफ बस्तर’’(अंग्रेजी में)।
3ण् ’’छत्तीसगढ़ राज्य की बिरहोर विशेष पिछड़ी जनजाति में परंपररागत जाति पंचायत एवं प्रथागत न्याय व्यवस्था’’।
4ण् ’’प्रोटेक्सन ऑफ द ट्राईबल कस्टमरी लॉ एण्ड ट्राईबल डवलपमेंट’’ (अंग्रेजी में)।
5ण् ’’पाँचवी अनुसूचित क्षेत्र बस्तर जिला में पंचायत उपबंध अधिनियम 1996 का व्यवहारिक परिदृष्य-एक क्षेत्र अध्ययन“

अप्रकाशित शोध प्रतिवेदनः-
शोध परियोजना प्रतिवेदनः-
1ण् ’’छत्तीसगढ़ की भतरा जनजाति की प्रथागत विधियों का संहिताकरण ’’(शोध सहायक रूपेन्द्र कवि प्रमुख अनवेषक- डॉ अशोक प्रधान) ।
2ण् ’’छत्तीसगढ़ की बिरहोर जनजाति की प्रथागत विधियों का संहिताकरण’’ (शोध सहायक रूपेन्द्र कवि प्रमुख अनवेषक-डॉ.अशोक प्रधान) ।
3ण् ’’छत्तीसगढ़ की भुईया जाति का नृजातीय अध्ययन’’(क्षेत्रकार्य व प्रतिवेदन -डॉ.रूपेन्द्र कवि, निर्देशन – डॉ.टी.के.वैष्णव) ।
4ण् ’’छत्तीसगढ़ की बंजारा जनजाति का नृजातीय अध्ययन’’(क्षेत्रकार्य व प्रतिवेदन -डॉ.राजेन्द्र सिंह एवं डॉ.रूपेन्द्र कवि, निर्देशन – श्री एम.पी.परस्ते आई.ए.एस ) ।
5ण् ’’छत्तीसगढ़ की माहरा जाति का नृजातीय अध्ययन’’(क्षेत्रकार्य व प्रतिवेदन -डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं अन्य, निर्देशन – श्री एम.पी.परस्ते आई.ए.एस ) ।
6ण् ’’हिन्दी-हल्बी वार्तालाप निर्देशिका’’ (1 अनुवादक – रमझम कच्छ, 2.संकूलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -बी.आर.मोरला) ।
7ण् ’’जिला दंतेवाड़ा का वन अधिकार मान्यताओं के वितरण का सत्यापन एवं मूल्यांकन प्रतिवेदन वर्ष 2013-14’’ (मार्गदर्शक डॉ.टी.राधाकृष्णन आई.ए.एस एवं एम.एस.परस्ते आई.ए.एस, निर्देशन-श्रीमती शारदा वर्मा, रूपरेखा-एस.एन.श्रीवास्तव, एम.एल.पंसारी,बी.आर.मोरला,क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्रतिवेदन -डॉ.रूपेन्द्र कवि)।
8ण् ’’रूआफूल ग्राम के बिरहोर :एक नृजातीय अध्ययन’’ वर्ष 2014 (निर्देशन -डॉ.राधाकृष्णन,मार्गदर्शन-श्री जी.एम.झा.एवं एल.एल.पंसारी, क्षेत्र कार्य एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि) ।
9ण् ’’हिन्दी -हल्बी शब्दकोष वर्ष 2014’’ (मार्गदशन – बी.आर.मोरला, संकलन एवं संपादन डॉ.रूपेन्द्र कवि, अनुवाद सहयोग – रमझम कच्छ, मसूसिंह नाईक) ।
10ण् ’’हिन्दी -भतरी वार्तालाप निर्देशिका’’ (1 अनुवादक – मसूराम नाईक, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)।
11ण् ’’हिन्दी-भतरी शब्दकोश’’ (1 अनुवादक – मसूराम नाईक, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)
12ण् ’’बस्तर दशहरा का मोनोग्राफ अघ्ययन-वर्ष 2014-15’’ -(डॉ.रूपेन्द्र कवि, मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी, निर्देशन डॉ. टी. राधाकृष्णन) ।
13ण् ’’हिन्दी -गोण्डी (दण्डामी माड़िया बोली) वार्तालाप निर्देशिका’’ (1 अनुवादक – बल्लूराम भवानी, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)।
14ण् ’’हिन्दी-गोण्डी (दण्डामी माड़िया बोली) शब्दकोष’’ (1 अनुवादक – बल्लूराम भवानी, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)।
15ण् ’’हिन्दी-गोण्डी वार्तालाप निर्देशिका’’ (1अनुवादक-सोमारूराम उईके, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)।
16ण् ’’हिन्दी-गोण्डी शब्दकोश’’ (1 अनुवादक – सोमारूराम उईके, 2.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3 मार्गदर्शन -एम.एल.पंसारी)।
17ण् ’’कक्षा पहली से आठवीं तक के अनुसूचित जनजाति छात्र-छात्राओं के शाला त्याग के कारणों का अध्ययन’’ वर्ष 2015-2016 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक,आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री एम.एल.पंसारी,विश्लेषण एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि एवं डॉ.राजेन्द्र सिंह)।
18ण् ’’भतरा जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन’’(मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक,आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री एम.एल.पंसारी,विश्लेषण एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
19ण् ’’गोंड जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन’’ वर्ष 2016-17 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक,आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री एम.एल.पंसारी,विश्लेषण एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
20ण् ’’परजा जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन’’ वर्ष 2017-18 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक,आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री एम.एल.पंसारी, ,क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
21ण् ’’तेलगा जाति का नृजातिय अध्ययन’’ वर्ष 2017-18 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक,आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री एम.एल.पंसारी, ,क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
22ण् ’’छत्तीसगढ़ राज्य में विकास प्राधिकरणों के द्वारा असाध्य पंपों के उर्जीकरण (विद्युतीकरण) योजना अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों के सामाजिक-आर्थिक परिवेष में हुए बदलाव का मूल्यांकन अध्ययन प्रतिवेदन जिला- दंतेवाड़ा’’ वर्ष 2018-19 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक, आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री के. आर परस्ते . क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
23ण् ’’छत्तीसगढ़ राज्य में विकास प्राधिकरणों के द्वारा असाध्य पंपों के उर्जीकरण (विद्युतीकरण) योजना अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों के सामाजिक-आर्थिक परिवेष में हुए बदलाव का मूल्यांकन अध्ययन प्रतिवेदन जिला-बीजापुर ’’ वर्ष 2018-19 (मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक, आई.एफ.एस, निर्देशन-श्री के. आर. परस्ते क्षेत्रीय अध्ययन एवं प्रतिवेदन- डॉ.रूपेन्द्र कवि )
24ण् ’’हिन्दी-धुरवी शब्दकोश एवं वार्तालाप निर्देशिका ’’(1.मार्गदर्शन श्री अशीष कुमार भट्ट संचालक, आई.एफ.एस, 2. निर्देशन-श्री के. आर. परस्ते, 3.संकलन एवं संपादन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 4. अनुवाद सहयोग – गंगाराम कष्यप)।
25ण् परधान जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन । (1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक,आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि व डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
26ण् गदबा जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन (1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि व डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
27ण् धुरवा जनजाति का मानवशास्त्रीय अध्ययन।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि व डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
28ण् नारायणपुर की मावली मंडई का मोनोग्राफ अध्ययन।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि व डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
29ण् कोंडागॉव जिले का भंगाराम जात्रा मोनोग्राफ अध्ययन।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि )।
30ण् दंतेवाड़ा जिले का घोटपाल मड़ई मोनोग्राफ अध्ययन।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. निर्देशन- डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
31ण् दांडामी माड़िया जनजाती का फोटो हैण्डबुक। (1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. निर्देशन-डॉ..रूपेन्द्र कवि, 3. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
32ण् दोरला जनजाती का फोटो हैण्डबुक निर्माण कार्य।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. निर्देशन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.राजेन्द्र सिंह )। धुरवा जनजाती का फोटो हैण्डबुक निर्माण कार्य।
33ण् परजा जनजाती का फोटो हैण्डबुक।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि )।
34ण् परधान जनजाती का फोटो हैण्डबुक।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि )।
35ण् गडबा जनजाती का फोटो हैण्डबुक।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस स, 2. निर्देशन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.राजेन्द्र सिंह )।
36ण् भतरा जनजाती का फोटो हैण्डबुक।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.रूपेन्द्र कवि )।
37ण् दन्तेवाड़ा जिले के फागून मड़ई का मोनोग्राफ अध्ययन।(1.मार्गदर्शन शम्मी आबिदी,संचालक, आई.ए.एस, 2. निर्देशन-डॉ.रूपेन्द्र कवि, 3. अध्ययन एवं प्रतिवेदन-डॉ.राजेन्द्र सिंह )।

शोध प्रबंध (पी.एच.डी.)ः-
मानवविज्ञान विषय में ’’बस्तर के जनजातियों के विकास में एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना का योगदान- एक मानवशास्त्रीय मूल्यांकन’’ निर्देशन-डॉ.श्रीमती मंजुला गुहा, सह निर्देशन-डॉ.टी.के.वैष्णव।
संपादनः-
1ण् राँची (भारत़)से प्रकाशित होने वाली बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीयशोध पत्रिका ’ द रिसचर्स ’’ में सम्पादकीय मंडल सदस्य कादायित्व2018 से।
2ण् सामाजिकविज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान,इलाहबाद (एसएसएस आइ आऱ) द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’ संबोध’’ में सम्पादकीय परामर्ष मंडल सदस्य कादायित्व2018 से।
3ण् ’लोक असर पत्रिका’’ गुण्डरदेही जिला बालोद( छत्तीसगढ़) ’- दिवाली विशेषांक, 27 अक्टूबर से 02 नवम्बर- 2017 में सम्पादक मंडल सदस्यकादायित्व।
4ण् ’’विश्वनाथ देवांगन की कृति सृजनबींब प्रकाशन नागपुर से प्रकाशित ’’काश मैं कवि होता’’ 2017’- काव्यसंग्रह/ पुस्तक का पृष्ठभूमि लेखन ।
5ण् सामाजिकविज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान,इलाहबाद (एसएसएस आइ आऱ) द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’ संबोध’’(बस्तर विषेषांक) वर्ष -5,अंक-9,जनवरी-जून 2019 के अतिथि सम्पादक कादायित्व।
6ण् राँची (भारत़)से प्रकाशित होने वाली बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीयशोध पत्रिका ’एषियन मिरर’ में सम्पादकीय मंडल सदस्य कादायित्व2019 से।
7ण् मेरठ (भारत़)से प्रकाशित होने वाली बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीयशोध पत्रिका ’’ग्लोबल पीस’’ में सम्पादकीय मंडल सदस्य कादायित्व2020 से।
अकादमिक सदस्य :-
1ण् शांति विकास एवं संस्कृतिपरिषद, मुरेना (म,प्ऱ) द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’ए जर्नल ऑफ एशिया फार डेमोक्रेशी एण्ड डेवलपमेंट’का2011 से आजीवन सदस्य।
2ण् सामाजिकविज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान,इलाहबाद (एसएसएस आइ आऱ) द्वारा प्रकाशित होने वाली अर्धवार्षिक सामाजिकविज्ञान शोध पत्रिका ’’संबोध’’का2018 से आजीवन सदस्य।
3ण् मेरठ (भारत़)से प्रकाशित होने वाली बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीयशोध पत्रिका ’’ग्लोबल पीस’’का 2020से आजीवन सदस्य।
4ण् यू.जी.सी.एवं नेक के निर्देशानुसार महाविद्यालय में गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासकीय दंतेवश्री महिला महाविद्यालय, जगदलपुर(छ.ग.) के लिए गठित ’’आन्तरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ’’/ ’प्फ।ब्श् समीति में सदस्य के रूप में नामांकित दिनॉक 15/04/2021 से।

कविताएं/कहानियाँ/लघुकथा/ लेख-आलेख/डायलॉगः-
प्रकाशित कविताएँः-
 ’देश में हर जगह’ – 22 सितम्बर 05 अक्टूबर 2004 कर्मक्रांति।
 ’एक कैदी’ – 21 जनवरी 2005 ’हाईवे चैनल’।
 ’वंचना’ – 28 जनवरी 2005 ’हाईवे चैनल’।
 ’कहाँगया जनतंत्र – 11 फरवरी 2005 ’हाईवे चैनल’।
 ’डरा हुआ इंसान’ – 25 फरवरी 2005 ’हाईवे चैनल’।
 ’इतना आसान नहीं खबर’ – 04 मार्च 2005 ’हाईवे चैनल’।
 ’खुला आकाश’ – 2003-04’रवि रश्मि’(पं.रविशंकर विश्वविद्यालय की पत्रिका)
 ’मोबाईल’ – 22 अगस्त 2008’हाईवे चैनल’।
 ’पीलीबत्ती’ – 29 अगस्त 2008 ’हाईवे चैनल’।
 ’मैं भीमराव’ – 14-19 अप्रैल 2013 ’बहुजन दर्पण’।
 ’होली आई रे’’ – 29 मार्च 2016 ’कर्मक्रांति’ ।
 ’मैं और मेरा आज’ – सितम्बर 2017 ’ककसाड.’, नई दिल्ली ।
 ’अस्तित्व ’ – सितम्बर 2017 ’ककसाड.’, नई दिल्ली ।
 ’शरद की रात’ – 06 अक्टूबर 2017 ’कर्मक्रांति’ ।
 ’साहित्य और साहित्यकार’ – 12 अक्टूबर 2017 ’कर्मक्रांति’ ।
 ’दो क्षणिकाएँ’ – अचिन्त्य साहित्यक वेब पत्रिका दिवाली विशेषांक 2017।
 ’हड़मा’ – जनवरी 2018 ’ककसाड़’ पत्रिका नई दिल्ली।
 ’मासे’ – दिसम्बर 2017 ’नारी का संबल’ पत्रिका रायपुर।
 ’मेरा गाँव’ – 21-27 दिसम्बर 2017 ’ग्राम सभा मेल’ साप्ताहिक पत्र-नागपुर।
 ’हे मातृभूमि’ – 2018 ’पूर्वात्तरभारती़’ पत्रिका मेधालय।
 ’कम्प्युटर की दौड’ – 2015 ’घरौंदा़’ संपादित पुस्तक।
 ’दूब बनकर जीओ’ – 2015 ’घरौंदा़’ संपादित पुस्तक।
 ’दायित्वबोध’ – 2020 ’ उजास़’ र्सजनबींब वार्षिकांक/ संपादित पुस्तक।
 ’प्रकृति माँ’ – 06 जून 2021 कर्मक्रांति।/07 जून 2021’हाईवे चैनल’।

काव्यपाठ ंः- निरंतर सन 1999 से छोटे-ंबडे़ साहित्यिक काव्य गेष्ठियों में काव्य पाठ ।
मंचसंचालन ंः- निरंतर सन 1999 से छोटे-बडे़ षोध व साहित्यिक कार्यक्रमों में मंचसंचालन ।

अप्रकाशित कविताएंः-

1 ’दीवारों पेदफन जिन्दगी’
2 ’हवा की वो रूत’
3 ’वो………..है’
4 ’रिश्ते’
5 ’आगमन’
6 ’मै आखिर तुम्हारा हूँकौन’
7 ’जींदगी एक पहेली है’
8 ’मुझे चार नहीं चाहिये’
9 ’पहुँच जाउं मंजिल तक’
10 ’वन’
11 ’हम है आदिमवासी’
12 ’विदाई’
13 ’जान पाया मैं उसे बहुत ही देर से’
14 ’बेरोजगारी अउ पढ़ई’’ (छत्तीसगढ़ी)
15 ’शिक्षक’
16 ’मैं भूला सकता हूँ कैसे’
17 ’तुझसा नही कोई’
18 ’उलझन’
19 ’पीलीबत्ती’
20 ’मै बस्तर का तराना हूँ’
21 ’जल,जंगल,जमीन ’
22 ’कलम वाल कामगार ’
23 ’सावन ’
24 ’हल्बी ’(हल्बी)
25 ’मेरी दीपावली ’
26 ’मेरी जिन्दगानी’
27 ’बसंत’
28 ’ख्याल ए तनहाई’
29 ’यायवरीय ज्ञान’
30 ’पतझड़’
31 ’प्रहार’
32 ’हमाम’
33 ’गाँव की वो खट्टी कड़ी’
34 ’माटी मेरी है…..’
35 ’जाति’
36 ’दशहरातिहार(हल्बी)’
37 ’आमर बस्तर (भतरी)’
38 ’महिला’
39 ’केबे एयसे चिठी पतरी’(हल्बी)
40 ’वाणी पापा बुलाती है’
41 ’सोजा वाणी…….’(लोरी)
42 बुआ चो टाब (हल्बी)
43 एदाँय कसन(हल्बी)
44 बस्तर चो रंग(हल्बी)
45 राह
46 कहीं ये वो तो नही
47 कैसे कहें
48 गाँव हूँमैं।
49 वो खुश तो बस्तर खुश।
50 ’बाबू जी क्यों नहीं आये ’
51 भुक भजन नी हए महापरभू (बामनी)
52 भात(भतरी)
53 सरगी रान(हल्बी)
54 वट सावित्री
लेख ̸ आलेख/संस्मरण/ संपादकीयः-
1 ’’सरपंच हमार मितान अभियान’’-29 दिसम्बर 2010’हाईवे चैनल’।
2 ’’सतत् विकासः कृषक, आदिवासी और जैविक खेती’’-12 जून2011’हाईवे चैनल’।
3 ’’अनुसूचित जाति शब्द का विकास और आज’’-11 से 17 फरवरी 2012 बहुजन दर्पण।
4 ’’अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय शिक्षा एड्स के प्रति जागरूकता एक सकारात्मक उम्मीद 03 फरवरी 2012 ’बस्तर इम्पेक्ट’।
5 ’’दलित संघर्ष मानव अधिकारों का ही संघर्ष 9-15 जून 2012 ’बहुजन दर्पण’(पुनः प्रकाशित 22-28 सितम्बर 2012)
6 ’’भारत जागो विश्व जगाओ’’ 14 सितम्बर 2012 ’प्रातः इंडिया’
7 ’’महात्मा फुले के विचार में दलित और शोषितों का भारत गाँवो का भारत’’ 10 से 16 नवम्बर 2012 ’बहुजन दर्पण’।
8 ’’वन अधिकार मान्यता पत्र -शासन की एक व्यवहारिक पहल’’ समसामयिक परिप्रेक्ष्य की पत्रिका ’’निचोड़¬’’ के फरवरी 2014 अंक में पृ.क्र. 09 परं
9 ’वैश्वीकरण के दौर में बस्तर की लोक संस्कृति का स्वरूप’- ’कर्मक्रांति 24 सितम्बर 2016’, जगदलपुर।
10 ’बस्तर :नजर और नजरिया’ ’निचोड़’ के जून 2014 अंक 7 में पृ.क्र 27 पर।
11 ’बस्तर के लोक संस्कृति में लाला जगदलपुरी’-बस्तर पाति के अंक-3 दिसंबर-फरवरी 2014-15
12 ’स्मृति में लाला जगदलपुरी’- 15 दिसंबर 2015 कर्मक्रांति।
13 ’स्मृति में लाला जगदलपुरी’- 15 दिसंबर 2015 हाइवे चैनल।
14 ’हिन्दी दिवस के 64 वर्ष’ – 15 िंसंतम्बर 2017 कर्मक्रांति।
15 विश्वनाथ देवांगन की कृति ’’काश में कवि होता’’ पुस्तक का पुष्ठभूमि लेखन। सृजनबिम्बप्रकाशन नागपुर से 2017 में प्रकाशित काव्य संग्रह।
16 ’बस्तर के आदिवासियों की दिवाली’ – 25 अक्टूबर 2017 कर्मक्रांति।
17 ’बस्तर छत्तीसगढ़ में छठ पर्व की प्रासंगिकता’- 26 अक्टूबर 2017 कर्मक्रांति।
18 ’बस्तर के आदिवासी और दिपावली’- 27 अक्टूबर से 02 नवम्बर 2017 दिवाली विशेषांक -’लोक असर पत्रिका’।
19 ’’केथी की कथा ’’ जनकृति’ अन्तराष्ट्रीय ई-जर्नल’’ वर्ष ,अंक-33, जनवरी 2018.
20 के आर सी टाईम दिल्ली वर्ष1 ,अंक-2, मार्च 2019.में युवाओं के लिए संदेष।
21 ‘स्वदेषी लोकभाषा हल्बी की प्रासंगिकता ’08 अगस्त 2019 हाइवे चैनल व कर्मक्रांति।
22 गीता शर्मा-छत्तीसगढ़ जिनके मन में बसता है ’ट्रू मीडिया’ वर्ष-10- अंक 02, दिसम्बर 2020, पृ-20।
23 ’’आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की आपदा को अवसर में बदलने की सकारात्मक सोच’’- छमू म्गचतमेण्बवउ 01 अप्रैल 2021
24 ’’आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की आपदा को अवसर में बदलने की सकारात्मक सोच- डॉ.रूपेन्द्र’’ 02 अप्रैल 2021 हाईवे चैनल समचार पत्र।
25 ’’आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की आपदा को अवसर में बदलने की सकारात्मक सोच’’- 03 अप्रैल 2021दन्डकारण्य समचार पत्र।
26 ’’बस्तर की भोजन संस्कृतिः मंडिया पेज’’ 10 अप्रैल 2021 जनधारा 24.
27 ’’बस्तर की भोजन संस्कृतिः मंडिया पेज’’ 12 अप्रैल 2021 दण्डकारण्य समाचार।

कहानियॉः-
प्रकाषित कहानियां-
1 ’’नलिनी’’ (नारी शिक्षा पर अधारित कहानी)’’नारी का संबल’’ त्रैमासिक पत्रिका-रायपुर के अंक-,वर्ष-2015,पृष्ट क्र.-में
2 ’’झीतरा बैगा’’(अंधविश्वास पर आधारित कहानी) ’ककसाड’ नई दिल्ली, अक्टूबर 2015।
3 ’’श्री श्री लॉज का खोली नम्बर पाँच (यात्रा वृत्तांत)- ‘बस्तर पाति’ त्रेमासिक पत्रिका के अंक 1 , वर्ष 1, मार्च-मई 2014, पृ0क्र0 25-26 में।
4 ’दूब बन कर जिओ’ (बाल कहानी) – 2015 ’घरौंदा़’ संपादित पुस्तक।
अप्रकाषित कहानियां-
1 ’’कोरटा थानर चड़ई पिला’’ (भतरी कहानी)
2 ’’चिड़खा’’(हल्बी कहानी)
3 ‘कोयली चो गोठ’ (हल्बी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में ।
4 ‘कोयल की बात’ (हिन्दी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में ।
5 ‘आमारूख’(हल्बी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में ।
6 ‘आमवृक्ष’ (हिन्दी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में ।
7 ‘अनपढ़’ (हल्बी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में । (जे0पी0 दानी रचित हिन्दी कहानी ‘अनपढ’़ का अनुवाद)
8 ‘मलरिया’(हल्बी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में ।(जे0पी0 दानी रचित हिन्दी कहानी ‘मलेरिया’ का अनुवाद)
9 ‘’तपलोभात (हल्बी कहानी)- साहित्य लेखन कार्यशाला जिला प्रशासन जिला दंतेवाड़ा में । (हेमन्त कश्यप रचित हिन्दी कहानी ‘ताजाभोजऩ’ का अनुवाद)
10 ‘गिरगिट और मेंढक’ (हिन्दी कहानी)
11 ‘तुमा’’(ंभतरी कहानी)
12 ‘तुमा’- लौकी से निर्मित पात्र’’ (हिन्दी कहानी)
13 ‘लाल कुड़ता’’(ंभतरी कहानी)
14 ‘लाल बूशट’ (हिन्दी कहानी)
15 ‘डंडीक’(हल्बी कहानी)
16 बाढती चो गोठ’(छत्तीसगढी कहानी)
17 हार (छत्तीसगढी कहानी)

लघुकथा ंः-
1 ’षब्दों की श्रेष्ठता’
2 ’कोरोना इक्कीसी ’
3 ’बीज हूं मैं’

दूरदर्शन/टी.वी.पर डायलॉगः-
1 ’’सफल युवा’’-क्षेत्रीय प्रसारण(अप्रैल 2010 में जगदलपुर दूरदर्शन से)
2 विविध प्राईवेट चैनलां के लिए जनजातीय व क्षेत्रीय विषयों पर कई छोटे-छोटे बाईट।
3 आज के साहित्यकार – क्षेत्रीय प्रसारण (¬¬¬¬…….. में जगदलपुर दूरदर्शन से)
4 ’’हल्बी के विकास’’ पर पार्टिसिपेन्ट के रूप में प्रसारण दिनॉक 22.03.2016 (रिकार्डीग 29.01.2016)
5 ’’ बस्तर अंचल से कार्यकम साहित्यदर्पण में साक्षातकार एवं काव्यपाठ ’’ प्रसारण दिनॉक 05.06.2020(रिकार्डीग 24.04.2020)

आकाशवाणी से वार्ताः-
1 .’’आज के अतिथि’’- प्रसारण दिनांक 24.09.2011।
2 ’’व्यक्तित्व विकास में शिक्षकों की भूमिका’’-प्रसारण दिनांक 05.07.2011(पुनः दो बार प्रसारित)
3 ’जनजातीय विकास’’ -प्रसारण दिनॉक 23.01.2012
4 ’’धुरवा जनजाति का सामाजिक सांस्कृतिक पक्ष’’- (हमारा बस्तर )प्रसारण दिनांक 14.11.2012 (पुनः कई बार प्रसारित)।
5 बस्तर की संस्कृति में पेड-पौधों का महत्व” (स्वतंत्र वार्ता) प्रसारण दिनांक 9.07.2012 (कई बार प्रसारित)
6 ’’मानव विज्ञान की दृष्टि में हल्बा जनजाति’’ (वार्ता) प्रसारण दिनाँक 28.02.2016 (रिकार्डीग दिनाँक 10.02.2016)
7 वार्ता-धुरवा जनजाति का विवाह संस्कार (रिकार्डिंग-दिनांक 22.08.2016,प्रसारण 16.08.2016)
8 वार्ता-बस्तर जिले का जनजातीय समाज और उनके धार्मिक विश्वास (रिकार्डिंग-दिनांक 20.12.2016,प्रसारण 02.01.2017)
9 वार्ता-’हल्बी भाषा वर्तमान परिवेष में चुनौंती एवं संभावनाएँ’ (रिकार्डीग-दिनांक 01.08.2017,प्रसारण14.08.2017)

मुख्य आकर्षणः-
1. ’’डॉ.रूपेन्द्र कवि की जीवनी’’-’बहुजन दर्पण समाचार पत्र’ दिनॉक ………….में प्रकाशित। (लेखक श्री सुनील कुमार)
2. 21 मई 2018 को ’धुरवा जनजाति के बीच धर्मपत्नि श्री सोनीका कवि का परिवार के साथ विवाह का अांठवा सालगीरह मनाना।(श्री ओम सोनी के प्रसिद्ध फेसबुक पेज ’’बस्तर भूषण’’ व ’’इंडिपेन्ट मेल समाचार पत्र व अन्य मीडिया में प्रकाशित व प्रदर्शित।
3. ’ज्ीम ंसस तवनदकमत.क्तण्त्नचमदकतंज्ञंअप’ 9 नवम्बर 2007 को ’स्पमि ेजलसम उंह्रपदम त्ंपचनतध् त्मपदबंतदंजपदहण्बवउ’ पर -(लेखक श्री सौरभ अर्चाय के द्वारा लिया इन्टरव्यूव प्रकाशित।
4. ’जिन्दगी में सफल होने के लिए कड़ी के अलावा और कोई रास्ता नहीं- डॉ.रूपेन्द्र कवि’-(लेखक श्री विश्वनाथ देवांगन कोण्डागॉव, छ.ग.) ’ लोक असर साप्ताहिक पत्र(03-09 नवम्बर $10-16 नवम्बर 2017 अंक)

अन्य गतिविधियॉः-
1 राज्य संसाधन केन्द्र (प्रौढ़ एवं सतत् शिक्षा) रायपुर में अवैतनिक राज्य स्रोत व्यक्ति (2010 से निरंतर)।
2 ’काउन्सील ऑॅफ इन्फार्मेशन एण्ड ब्रॉडकासि्ंटग’ नई दिल्ली के ”मिडिया मित्र परियोजना” में ’राष्ट्रीय सलाहकार सदस्य’ (जनवरी 2015 से जनवरी 2017 तक)
3 ’’स्वामी विवेकानंद जी के 150वीं जयंती समारोह 2012-14’’ के समिति में ’’प्रबुद्यभारत-आयाम’’ का जिला प्रमुख का दायित्व।
4 ’’एकात्म मानववाद समाज स्वर्णजयंती वर्ष समिति’’ के जिला समिति जगदलपुर में मानद कार्यपरिषद सदस्य का दायित्व। (जुलाई 2014 से निरन्तर)।
5 360 घर आ. ब्रा. स. के 2012 एवं 2014 के चुनाव में ’’जोनल अधिकारी’’ का दायित्व निर्वहन।
6 360 घर आ. ब्रा. स. के क्षेत्रीय समिति करीतगाँव क्षेत्र का ’’युवाअध्यक्ष’’ का दायित्व निर्वहन।
7 स.ब्रा.स.बस्तर संभाग में ’सयुक्त सचिव’’ का दायित्व निर्वाहन।
8 भारतीय षिक्षण मण्डल में छत्तीसगढ़ प्रांत सहसंयोजक(जनवरी 2020 से निरन्तर)।
9 ’हिन्दी साहित्य भारती-नई दिल्ली ’ अन्तर्राष्ट्रीय संस्था के छत्तीसगढ़,प्रांत में ’मंत्री’/पदाधिकारी।
10 ’अखिल भारतीय हिन्दी महासभा – नई दिल्ली’ द्वारा छत्तीसगढ़ प्रांत संगठन में ’’जिला महामंत्री- बस्तर’’ का दायित्व।
11 स्थानीय भाषा हल्बी, भतरी व छत्तीसगढ़ी भाषा का ज्ञान (भाषा ज्ञान हिन्दी व अंग्रेजी)।
12 कम्प्यूटर का आधारभूत ज्ञान।