लघुकथा-अखतर अली

(1)प्रेम कथा

लड़के का नाम – चुप।
लड़की का नाम – खामोशी।
गांव का मुखिया – शोर।
अंत – पारंपरिक।
(2)हकीकत

एक स्थान पर एक हिंदू कुछ हिंदुओं से कह रहा था कि उसे मुसलमानों ने लूट लिया। दूसरे स्थान पर एक मुसलमान दूसरे मुसलमानों से कह रहा था कि उसे हिंदुओं ने लूट लिया । तीसरे स्थान पर कुछ लुटेरे दूसरे लुटेरों से कह रहे थे दोनों को हमने ही लूटा है, नारे बदल-बदल कर।
(3)पानी

’हेलो’
‘कौन पानी ?’
‘जी हां मैं पानी बोल रहा हूं,
आप कौन ?’
’मैं प्यास बोल रही हूं’
‘हैलो हैलो पानी, पानी, हैलो…।’
‘हैलो प्यास, हैलो हैलो..।’
‘हैलो…’
’हैलो…’
’हैलो…’

अखतर अली
फ़ज़ली अपार्टमेंट
कांच गोदाम के पास
आमानाका, कुकुरबेड़ा
रायपुर छ.ग.
पिन- 492001
मो.- 9826126781