बढ़ते कदम-हेमंत बघेल

महाप्रभु किरपा करा
(हल्बी)

 

भूखे पेट रहुन
पेज पसिया खाउन
बेटा के पढ़ाले।
महाप्रभु (सरकार)
बले संग दिला
पढ़तो काजे किताब
पेज बेरा भात
किन्दतो काजे बूट
अउर कुड़ता दिला
अउर समया ने पैसा बले।
बेटा पढ़ो बलुन
बेड़ा बाटे एकला जाए
कितरी दण्ड पावले बले
नांगर-फार नी धराये।
उधार मांगुन दिया-तेल
बेटा के रात भर पढ़ायें।
महाप्रभु फेर किरपा करला
बारहवीं पास होतोके
बेटा के दस हजार दीला।
महाप्रभु
अन्दाय मय थकले
केश जमाय पाकली
इतरो करलास
खिण्डिक अउर करा
बेटा के
गोटोक नौकरी दिया
मांतर मोचो
फुटथ किस्मत
चार साल हो ली
बेटा चो घरे बसलो
नांगर-फार
कांई के नी जाने
फोकहा बसलो से घरे
फिन्दतो काजे लुंगी नहीं
फूलपेन्ट मांगेसे अन्दाय।
हे महाप्रभु किरपा करा।

महाप्रभु कृपा करें
(हिन्दी)

 

भूखे पेट रहकर
पानी पीकर
बेटे को पढ़ाया।
महाप्रभु (सरकार)
ने भी साथ दिया
पढ़ने को किताब
दोपहर को मध्यान्ह भोजन
पहनने को जूते
और कपड़े दिये
और समय पर छात्रवृत्ति भी
बेटा पढ़े
इसलिए खेतों में अकेला जाता
कितना भी कष्ट पालूं
बेटे से हल-बैल न चलवाता
उधार मांग कर तेल
बेटे को रातभर पढ़ाया
महाप्रभु ने फिर कृपा की
बारहवीं पास होते ही
बेटे को दस हजार दिया
महाप्रभु
अब मैं थक गया हूं
बाल भी सफेद हो गये
इतना किया है
थोड़ा और कीजिए
बेटे को
एक नौकरी दे दीजिए
मगर मेरी
फूटी किस्मत
चार साल हो गये
बेटे को घर बैठे
हल-बैल
कुछ नहीं जानता
बेकार घर में पड़ा रहता है
पहनने को लुंगी नहीं
पेंट मांग रहा है अब
हे महाप्रभु कृपा करें।

हेमंत बघेल
छत्रपति शिवाजी वार्ड-35
तेतरकुटीपारा
जगदलपुर (बस्तर)
मो.-09098932187