अंक-2-रेखाचित्र-मोहिनी ठाकुर

बस्तर पाति के रेखाचित्र-

श्रीमती मोहिनी ठाकुर


श्रीमती मोहिनी ठाकुर छोटी-छोटी कविताओं का जाना पहचाना नाम है। इस पिछड़े क्षेत्र में इतनी ज्यादा संख्या में रचनाकार होंगे जानकारी न थी।कला से जुड़े लोग चुपचाप अपना काम करते रहते हैं और इसकी जानकारी होती हैं मात्र उनसे जुड़े कुछ लोगों को।
मोहिनी जी उन्हीं कुछ चुपचाप करने वालों में से एक हैं। अपनी तूलिका से ग्रामीण परिवेश को केनवास पर उतारना इनके दिल को शांति पहुंचाता है। प्रकृति से इनका जुड़ाव इनके लेखन में भी स्पष्ट दिखाई पड़ता है। गाढ़े रंग का प्रयोग इनके चित्रों की खासियत है तो ग्राम जीवन विषय है। उनकी पेन्सिल की नोक पर सवार रेखाचित्र जब-तब उनके यहां उपलब्ध पन्नों पर निखर-निखर आते हैं। अपने इन अनमोल रत्नों को सहेजकर रखना इनकी फितरत नहीं है इसलिए इनके पास कलेक्शन उपलब्ध नहीं है पर अनुरोध पर कुछ ही दिनों के भीतर तैयार कर पहुंचा दिया। अपने रेखाचित्रों में चेहरों के भाव उकेरना उनसे सहजभाव से हो जाता है।