काव्य-संतोष श्रीवास्तव

संभावनायें असीम

बस्तर संभाग में
बहुत सी संभावनायें हैं
पर्यटनों की संभावना,
यहां पर असीम हैं.
जरूरत है इन संभावनाओं को
कुरेदने की
दिव्य नेत्रों से इन्हें देखने की
दबी सी संभावनायें उभर आयेंगी
जब संजय की सी
ये दृष्टि पायेंगी
और उनको फिर समझायेंगी
महाराज!
बहुत कुछ है यहां
हाथ में हाथ रख ना बैठे रहो
बहुत देर हो चुकी
अब तो कुछ करो.
बस्तर संभाग का
हर जिला एक खदान है
खोदो इसे / हीरे मिलेंगे
परखो इसे / मोती चमकेंगे
चित्रकोट, कुटुमसर, तीरथगढ़
गढ़ बांसला, गोबरहिन, गढ़िया पहाड़
दर्जनों यहां पर्यटन स्थल हैं
पर उपेक्षित होकर पड़े हैं
इन्हें गढ़ना होगा हमें
विश्व के नक्शे में
जड़ना होगा हमें.
आओ बस्तर को संवारें अब भी
जो प्रदेश को दे सके तरक्की
विकास की गंगा
यहीं से बहेगी
पहल हो सही
हर संभावनायें प्रतिपल पलेंगी.
हर संभावनायें प्रतिपल पलेंगी.


संतोष श्रीवास्तव ‘सम’
बरदेभाटा, कांकेर जिला-कांकेर छ.ग.
मों-09993859429