व्यंग्य-डॉ बी प्रकाश मूर्ती “पैमाना”

कराओके कुमार जी का कोहराम  हमारे एक पड़ोसी हैं कराओके कुमार जी इनके अनुसार इनमें गायकी…

मेरी ग़ज़ल – डॉ बी प्रकाश मूर्ती ” पैमाना “

मेरी ग़ज़ल समन्दर से जो मिल जाता वो फिर कतरा नही रहता खुदा के साये में…