गोठ बात (संवाद) हल्बी
राम-राम मंगलू
राम-राम सोमारू
काय करसीत ना?
(क्या कर रहे हो?)
कांई नी करें दादा बसलेंसे ना।
(कुछ नहीं,बैठा हूं भैया जी।)
कहां जाऊ रहीस ना?
(कहां गया था?)
शहरे जाउ रहें ना
(शहर गया था)
काय काय घेनलीस?
(क्या-क्या खरीदे आप?)
गोटोक धोती आरू गोटोक साफी घेनले ना
(एक धोती और एक गमछा खरीदा)
जमाय कसन आसास दादा?
(सभी कैसे हैं भैया जी?)
जमाय नंगत आसूं ना
(सभी ठीक हैं)
आजकाल बेड़ा ने काय बूता करासीत ?
(आजकल खेती बाड़ी में क्या काम चल रहा है?)
तुमी कित भाई बहिन आहासीत?
(तुम कितने भाई बहन हो?)
आमी दूय भाई गोटोक बहिन
(हम दो भाई और एक बहिन हैं।)
तुय कितरो पड़लीसीत ना?
(आप कितने पढ़े-लिखे हैं?)
मय बारमी पास आसें ना
(मैं बारहवीं पढ़ा हूं)
घरे कितरो लेका-लेकी आसत?
(आपके कितने बच्चे हैं?)
मोचो गोटोक लेका गोटोक लेकी आसे।
(मेरे एक लड़का और एक लड़की है।)
गांव ने असपताल आसे की नहीं?
(गांव में अस्पताल है कि नहीं?)
गांव अस्पताल आसे।
(गांव में अस्पताल है)
स्कूल ने गुरूजी मन रोजे ऐसोत की नहीं?
(स्कूल में शिक्षक रोज आते हैं कि नहीं?)
स्कूल ने गुरूजी मन रोजे एउआत
(शिक्षक रोज स्कूल आते हैं)
लेका लेकी के खूबे पढ़ातो आय
(लड़का-लड़की को खूब पढ़ाना है)
निशा नाश चो जड़ पीवतो नुहाय
(नशा नाश का जड़ है, नशापान न करें)
देहें नंगत रले मन बले नंगत रहूआय
(स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य मन का वास होता है)
आले अदाय मय जायसे
(तो, अब मैं चलता हूं)
आले राम राम जुहार
(राम राम जुहार)