हलबी कविता-सूरज नारायण कश्यप

चितरकोट मंडई

जाउन रले बुलतो काजे चितरकोट मंडई
हाट ने दखली मुय बायले मन चो लड़ई।
बस्तर चो बोड़ा, फूटू, बास्ता ओरी कांदा
मोके झांय झांय लागसी चापड़ा संगे लांदा।
दखा ना दे आजीकाली पंडकी, कांवा, चिड़ई
जाउन रले बुलतो काजे चितरकोट मंडई।
झरना खाले ठिंया होउन फोटो झिकलू सेल्फी
खूब ठोकली चिपड़ी भरून भरून सल्फी।
मंडई मेला ने भेंट होली मामा ओरी भांचा
आसा री लेकी मन आमर संगे नाचा।
हाट ने धरली मय थोड़े असन आलू
बाट ने दखलू मय माचकोटिया भालू।
जाउन रले बुलता काजे चितरकोट मंडई
हाट ने दखलू मय बायले मन चो लड़ई।

सूरज नारायण
फ्रेजरपुर, जगदलपुर-494001
जिला-बस्तर
मो-8962688702